केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: LPG कनेक्शन को लेकर नए नियम लागू

नई दिल्ली। देशभर में रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब गैस कनेक्शनों में पारदर्शिता लाने और फर्जी कनेक्शनों पर रोक लगाने की दिशा में सख्ती कर रही है। नए नियमों के तहत अब 'वन हाउसहोल्ड, वन कनेक्शन' नीति को लागू करने की तैयारी की जा रही है। 

यानी अब एक घर या एक पते पर केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन रखने की अनुमति होगी। सरकार का मानना है कि इससे गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रुकेगी और सब्सिडी का लाभ सही जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकेगा। नए नियम लागू होने के बाद ऐसे परिवारों को सावधान रहने की जरूरत होगी, जिनके पास एक ही पते पर एक से ज्यादा गैस कनेक्शन हैं।

क्यों जरूरी पड़ा यह फैसला

कई मामलों में देखा गया है कि एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्य अपने नाम पर कई गैस कनेक्शन ले लेते हैं। इससे न केवल सरकारी सब्सिडी पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है, बल्कि गैस सिलेंडर की जमाखोरी और गलत इस्तेमाल की आशंका भी बढ़ जाती है। सरकार अब डेटा को साफ करने और फर्जी या डुप्लीकेट कनेक्शनों को हटाने पर जोर दे रही है। इसके जरिए गैस वितरण प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।

e-KYC कराना हुआ जरूरी

नए नियमों को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। गैस एजेंसियां अब उन उपभोक्ताओं की जांच करेंगी, जिनके पते पर एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन दर्ज हैं। ऐसे मामलों में ग्राहकों को पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। परिवार को यह तय करना होगा कि वे किस सदस्य के नाम पर गैस कनेक्शन जारी रखना चाहते हैं। बाकी अतिरिक्त कनेक्शनों को सरेंडर करना पड़ सकता है।

बहुमंजिला इमारतों और किराएदारों को राहत

सरकार ने यह भी साफ किया है कि बहुमंजिला इमारतों या एक ही बिल्डिंग में अलग-अलग परिवारों के रहने की स्थिति में नियम अलग होंगे। यदि अलग-अलग फ्लोर पर अलग रसोई और अलग परिवार हैं, तो वे जरूरी दस्तावेजों के आधार पर अलग गैस कनेक्शन रख सकते हैं। वहीं, किराएदारों को भी कुछ राहत दी गई है। रेंट एग्रीमेंट और स्थानीय पते के प्रमाण के आधार पर उन्हें एलपीजी कनेक्शन रखने की अनुमति मिल सकती है।

अतिरिक्त कनेक्शन रखने पर क्या हो सकती है कार्रवाई

यदि कोई उपभोक्ता अतिरिक्त गैस कनेक्शन सरेंडर नहीं करता और जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो गैस कंपनियां संबंधित कनेक्शनों की सप्लाई रोक सकती हैं। इसके अलावा एलपीजी सब्सिडी भी बंद की जा सकती है। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें और नियमों का पालन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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