1. गन्ना किसानों को बड़ी राहत, बढ़ा MSP जैसा समर्थन मूल्य
केंद्र सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का फेयर एंड रेम्यूनरेटिव प्राइस (FRP) बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। यह कीमत 10.25 प्रतिशत रिकवरी रेट के आधार पर तय की गई है। सरकार के इस फैसले से करोड़ों गन्ना किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। यदि गन्ने की रिकवरी बेहतर रहती है तो किसानों को अतिरिक्त भुगतान भी मिलेगा। वहीं कम रिकवरी होने पर भी किसानों को न्यूनतम सुरक्षित मूल्य दिया जाएगा।
2. कपास मिशन से खेती में आएगा बदलाव
सरकार ने कपास उत्पादन बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता सुधारने के लिए 5659 करोड़ रुपये के बड़े मिशन को मंजूरी दी है। यह योजना 2026-27 से लेकर 2030-31 तक लागू रहेगी। इस मिशन के तहत बेहतर बीज, आधुनिक खेती तकनीक और नई प्रोसेसिंग सुविधाओं पर काम किया जाएगा। सरकार भारतीय कपास को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने के लिए कस्तूरी कॉटन भारत ब्रांड को भी बढ़ावा दे रही है।
3. सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा निवेश
भारत को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने दो नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में 3900 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जाएगा। सेमीकंडक्टर आज मोबाइल, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत बन चुके हैं। अभी तक भारत को बड़ी मात्रा में चिप्स आयात करने पड़ते हैं, लेकिन इन नई यूनिट्स से देश में घरेलू उत्पादन बढ़ेगा।
4. गुजरात बनेगा बड़ा शिप रिपेयर हब
सरकार ने गुजरात के वाडीनार में आधुनिक शिप रिपेयर फैसिलिटी बनाने को मंजूरी दी है। करीब 1570 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट देश के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ताकत देगा। इस परियोजना में बड़े जहाजों की मरम्मत के लिए आधुनिक सुविधाएं तैयार की जाएंगी, जिनमें फ्लोटिंग ड्राई डॉक, लंबी जेट्टी और हाईटेक वर्कशॉप शामिल होंगी।
देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
कैबिनेट के ये फैसले साफ संकेत देते हैं कि केंद्र सरकार अब कृषि, उद्योग और टेक्नोलॉजी को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने से लेकर हाईटेक सेक्टर में निवेश और रोजगार सृजन तक, इन योजनाओं का असर आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देगा।

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