जीएसटी और आबकारी से बढ़ी कमाई
राज्य सरकार को सबसे ज्यादा फायदा वस्तु एवं सेवा कर यानी GST और आबकारी राजस्व से हुआ है। बाजारों में खरीद-बिक्री बढ़ने से जीएसटी संग्रह में करीब 840 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, शराब बिक्री से मिलने वाले आबकारी राजस्व में भी लगभग 932 करोड़ रुपये की बढ़त हुई है। इसके अलावा वैट, स्टांप एवं पंजीयन, परिवहन और खनन क्षेत्र से भी सरकार को पिछले साल के मुकाबले अधिक आय प्राप्त हुई है।
सरकार ने बताया आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल माह के लिए कर राजस्व का लक्ष्य 27,526 करोड़ रुपये रखा गया था। इसके मुकाबले सरकार को 20,621 करोड़ रुपये से अधिक की प्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और व्यापारिक विस्तार इस बढ़ते राजस्व का मुख्य कारण हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी राहत
वित्त मंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें देश के कई राज्यों की तुलना में कम हैं। वर्तमान में यूपी में पेट्रोल लगभग 94.69 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 87.80 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे आम लोगों और परिवहन क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है।
जनता को कैसे मिलेगा फायदा?
जानकारों का मानना है कि जब सरकार का राजस्व बढ़ता है तो उसका सीधा फायदा जनता को विकास योजनाओं के रूप में मिलता है।
सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति मिल सकती है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में खर्च बढ़ सकता है।
नई रोजगार योजनाएं शुरू हो सकती हैं।
ग्रामीण और शहरी विकास कार्यों में तेजी आ सकती है।
अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत।

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