यूपी सरकार का बड़ा फैसला, पशुपालकों के लिए नई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और पशुपालकों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में पशुओं के लिए सालभर हरा और पौष्टिक चारा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग ने कई नई योजनाओं पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि पशुपालकों की लागत कम हो, पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बने और दूध उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके।

प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग की ओर से नेपियर घास, बरसीम और ज्वार जैसे हरे चारे के बीज किसानों तक पहुंचाए जा रहे हैं। इसके साथ ही किसानों को आधुनिक तरीके से चारा उत्पादन की ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि वे कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर सकें।

हरे चारे की खेती को मिलेगा बढ़ावा

पशुपालन विभाग ने इस साल प्रदेश के सभी 75 जिलों में बड़े स्तर पर हरा चारा उगाने की योजना शुरू की है। विभाग का फोकस खासतौर पर नेपियर घास की खेती पर है, क्योंकि इसकी कटाई साल में कई बार की जा सकती है और यह पशुओं के लिए बेहद पौष्टिक मानी जाती है। सरकार का मानना है कि यदि गांव स्तर पर पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध होगा तो पशुपालकों को महंगे चारे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे पशुपालन व्यवसाय अधिक लाभकारी बन सकेगा।

किसानों को बांटे गए बीज और रूट स्लिप

अतिरिक्त चारा विकास कार्यक्रम के तहत किसानों और पशुपालकों को बरसीम और ज्वार चारा बीज वितरित किए गए हैं। इससे हजारों हेक्टेयर भूमि पर हरे चारे की खेती होने की उम्मीद है। इसके अलावा नेपियर घास की खेती बढ़ाने के लिए लाखों रूट स्लिप भी बांटी गई हैं। सरकार किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन देने के लिए सहायता राशि भी उपलब्ध करा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना से जुड़ सकें।

गोशालाओं और चारागाहों को भी मिलेगा लाभ

प्रदेश की गोशालाओं और गोचर भूमि पर भी बड़े पैमाने पर हरा चारा उगाने की तैयारी की गई है। इसके लिए ज्वार, मक्का और बाजरा जैसे बीज वितरित किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि गो आश्रय स्थलों में रहने वाले पशुओं को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक चारा मिल सके। इससे पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा और उनकी देखभाल पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकेगा।

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