शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर राज्य में चल रही शैक्षणिक योजनाओं और भविष्य की तैयारियों की जानकारी साझा की। इस दौरान बिहार में शिक्षा के आधुनिकीकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई।
540 विद्यालय बनेंगे सरस्वती विद्या निकेतन
राज्य सरकार ने फैसला किया है कि बिहार के सभी जिला स्कूलों तथा प्रत्येक प्रखंड के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मिलाकर कुल 540 विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इन विद्यालयों में छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पहले से संचालित 155 राजकीय और राजकीयकृत विद्यालयों को भी इसी योजना के तहत उन्नत किया जाएगा। इस तरह राज्य में कुल 695 विद्यालय आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित होंगे।
शिक्षा के आधुनिकीकरण पर जोर
सरकार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि शिक्षा को तकनीक और कौशल विकास से भी जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक प्रखंड में दो विद्यालयों का चयन कर कक्षा 9 से 12 तक के कुल 1,068 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्रों को रोजगारपरक और तकनीकी शिक्षा का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल सकेंगे।
2,577 आईसीटी लैब्स का संचालन
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में 2,577 आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) लैब्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन लैब्स के जरिए विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
स्मार्ट क्लास से बदलेगा पढ़ाई
राज्य सरकार ने विद्यालयों में 25,220 स्मार्ट क्लास स्थापित और संचालित करने की भी योजना बनाई है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से छात्रों को ऑडियो-वीडियो आधारित शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी। स्मार्ट क्लास की मदद से जटिल विषयों को भी सरल तरीके से समझाया जा सकेगा और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा।
छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
शिक्षा विभाग का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने के बाद बिहार के छात्रों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा। बेहतर आधारभूत संरचना, डिजिटल संसाधन, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्मार्ट शिक्षण प्रणाली के जरिए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा।
.png)
0 comments:
Post a Comment