हर विधानसभा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बजट
लोक निर्माण विभाग की योजना के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 80 से 85 करोड़ रुपये की लागत से सड़क और पुल निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए जिलों से विस्तृत कार्ययोजनाएं मंगाई गई हैं। खास बात यह है कि इन योजनाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाए गए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का मानना है कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई परियोजनाएं लोगों के लिए अधिक उपयोगी साबित होंगी।
जनप्रतिनिधियों की राय से प्राथमिकता
विकास कार्यों की सूची तैयार होने के बाद अब उनमें प्राथमिकता तय की जाएगी। विधायक और विधान परिषद सदस्य अपने क्षेत्रों की सबसे जरूरी परियोजनाओं की जानकारी देंगे। जिन कार्यों को जनप्रतिनिधि सबसे अधिक महत्वपूर्ण बताएंगे, उन्हें पहले पूरा कराया जाएगा। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि विकास कार्य सीधे जनता की जरूरतों से जुड़े हों।
35 हजार करोड़ से होंगे निर्माण कार्य
लोक निर्माण विभाग को चालू वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट उपलब्ध कराया गया है। इसमें नई सड़कें, पुल, पुलियां और संपर्क मार्गों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के दूरदराज के इलाकों तक बेहतर सड़क नेटवर्क पहुंचाया जाए, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिले और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिले।
जल्द शुरू होगी टेंडर की प्रक्रिया
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिलों से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण किया जा रहा है। चयनित परियोजनाओं के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सकें। सरकार चाहती है कि आवंटित बजट का उपयोग तय समय सीमा के भीतर कर लिया जाए और परियोजनाओं का लाभ जनता तक जल्द पहुंचे।
गांव से शहर तक बदलेगी तस्वीर
नई सड़कें और पुल बनने से गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। वहीं शहरों में यातायात का दबाव कम करने और आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

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