उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल है। बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ पशुपालन से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में सरकार डेयरी क्षेत्र को संगठित और आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है, ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी बढ़ोतरी हो सके।
चार योजनाओं के जरिए मिलेगी आर्थिक मदद
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत अलग-अलग वर्ग के पशुपालकों और डेयरी उद्यमियों के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं।
1 .नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत बड़े स्तर की डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए 31.25 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
2 .मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में छोटे पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं को 11.80 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
3 .मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना के अंतर्गत देशी नस्ल की गायों के संरक्षण और पालन के लिए 80 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
4 .मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों को 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा।
युवाओं और महिलाओं को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। कम भूमि वाले किसान भी सीमित निवेश के साथ पशुपालन शुरू कर नियमित आय अर्जित कर सकते हैं। सरकार की नई योजनाएं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ गांवों से पलायन कम करने में भी मददगार साबित हो सकती हैं।
डेयरी सेक्टर से बढ़ेगी किसानों की आमदनी
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खेती के मुकाबले डेयरी व्यवसाय किसानों को रोजाना नकद आय उपलब्ध कराता है। दूध, घी, दही, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए यह क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को आधुनिक डेयरी मॉडल से जोड़ना है, ताकि उनकी आय के स्रोत मजबूत हो सकें।
किसान और पशुपालक ऑनलाइन करें आवेदन
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान और पशुपालक नंद बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और अनुदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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