भारत का परमाणु जखीरा बढ़ा, नई रिपोर्ट से पाक के उड़े होश!

नई दिल्ली। दुनिया में परमाणु हथियारों को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताज़ा रिपोर्ट ने संकेत दिए हैं कि भले ही कुल परमाणु हथियारों की संख्या में मामूली गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर परमाणु जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है। 

घटती संख्या, लेकिन बढ़ता खतरा

SIPRI की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में इस समय लगभग 12,000 से अधिक परमाणु वारहेड मौजूद हैं। इनमें से करीब 9,000 से ज्यादा ऐसे हैं जो स्टोरेज में रखे गए हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर तुरंत उपयोग में लाए जा सकते हैं। पिछले वर्षों की तुलना में संख्या में हल्की कमी जरूर आई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि असली खतरा हथियारों की स्थिति और उनकी तैनाती के तरीके में बदलाव से पैदा हो रहा है।

हथियार नियंत्रण समझौते कमजोर

रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि वैश्विक हथियार नियंत्रण व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। पुराने समझौतों के टूटने या प्रभावहीन होने से देशों के बीच अविश्वास बढ़ा है। इसके चलते परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण और विस्तार की होड़ तेज हो गई है।

प्रमुख देशों की परमाणु क्षमता

रिपोर्ट में विभिन्न देशों के परमाणु हथियारों का अनुमान भी दिया गया है। अमेरिका और रूस के पास सबसे बड़ा जखीरा है, जिनके पास संयुक्त रूप से वैश्विक परमाणु हथियारों का बड़ा हिस्सा मौजूद है। इसके अलावा चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल भी अपने-अपने परमाणु कार्यक्रमों को लगातार मजबूत कर रहे हैं।

भारत के पास लगभग 190 परमाणु वारहेड, जबकि पाकिस्तान के पास करीब 170 वारहेड होने का अनुमान लगाया गया है। चीन भी तेजी से अपने परमाणु जखीरे का विस्तार कर रहा है, जिससे एशिया में रणनीतिक संतुलन पर अस पड़ रहा है।

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