किसानों को बड़ी राहत
सासामूसा शुगर मिल से जुड़े गन्ना किसानों को 42.99 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की मंजूरी दी गई है। इससे हजारों किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से शुरू करने की संभावना बढ़ेगी।
निबंधन कार्यालय होंगे पेपरलेस
राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों को पूरी तरह पेपरलेस करने के लिए बिहार स्टाम्प नियमावली 2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इससे प्रक्रियाएं डिजिटल होंगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी राजस्व में वृद्धि की संभावना है।
आईआईटी पटना में बनेगा रिसर्च पार्क
उच्च शिक्षा और तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी पटना में 305 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च पार्क बनाने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही 39 करोड़ रुपये की लागत से इन्क्यूबेशन सेंटर फेज-2 को भी स्वीकृति मिली है। इससे स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
पुराने वाहनों की स्क्रैप नीति में बदलाव
सरकार ने निर्णय लिया है कि अब केवल गैर-सरकारी वाहनों को ही स्क्रैप करने पर नए वाहन के रजिस्ट्रेशन में टैक्स छूट मिलेगी। 15 साल पुराने सरकारी वाहनों को इस लाभ से बाहर कर दिया गया है।
सिंचाई और जल परियोजनाओं को गति
सिंधवारणी जलाशय योजना की लागत बढ़ाकर 196 करोड़ रुपये कर दी गई है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा डकरानाला पंप नहर योजना की लागत बढ़ाकर 251.55 करोड़ रुपये कर दी गई है। इन परियोजनाओं से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी।
निवेश को बढ़ावा देने के लिए नया सिस्टम
राज्य में औद्योगिक निवेश को तेजी देने के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में मंजूरी दी गई है। इससे निवेश प्रस्तावों को जल्दी और पारदर्शी तरीके से मंजूरी मिल सकेगी। इसके साथ ही अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति और क्लियरेंस के लिए SOP तैयार किया जाएगा।
बाढ़ प्रबंधन और जल जीवन मिशन पर फोकस
बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के उपयोग को मंजूरी दी गई है। साथ ही जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौते को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी।
ई-टेंडरिंग में बड़ा बदलाव, विदेशी कंपनियों को मौका
सरकार ने ई-टेंडर प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अब अंतरराष्ट्रीय निविदाकारों को भी भाग लेने की अनुमति दे दी है। नए शुल्क ढांचे के तहत पंजीकरण और नवीकरण शुल्क में संशोधन किया गया है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ने और बेहतर गुणवत्ता की उम्मीद है। राष्ट्रीय स्तर की निविदाओं के शुल्क में भी संशोधन किया गया है, जिससे प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके।
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