योगी सरकार का फैसला: यूपी में इन महिलाओं को मिलेगा घर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि तीन तलाक और एसिड अटैक जैसी गंभीर परिस्थितियों की शिकार महिलाओं के साथ-साथ निराश्रित महिलाओं को भी आवास और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।

पक्के घर की सुविधा देने की तैयारी

सरकार की योजना के तहत ऐसी महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा। जिन महिलाओं के पास स्थायी आवास नहीं है, उन्हें प्राथमिकता सूची में शामिल कर जल्द से जल्द आवास सुविधा देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य उन महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है, जो सामाजिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण असहाय हो गई हैं।

स्वास्थ्य सुरक्षा का भी मिलेगा लाभ

आवास के साथ-साथ इन महिलाओं को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से भी जोड़ा जाएगा। इससे उन्हें मुफ्त या रियायती इलाज की सुविधा मिल सकेगी। विशेष रूप से एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज, सर्जरी और पुनर्वास की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह योजना उनके लिए जीवन बदलने वाली साबित हो सकती है।

लाभार्थियों की पहचान के लिए सर्वे

महिला कल्याण विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह तीन तलाक, एसिड अटैक और निराश्रित महिलाओं का विस्तृत और सत्यापित डेटा तैयार करे। इसी डेटा के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। विभागीय स्तर पर इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए डाटा संग्रह और सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई प्रक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर आवास और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। सरकार का मानना है कि केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि सुरक्षित आवास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी महिलाओं के जीवन को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक बनाने के लिए जरूरी हैं।

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