इस दौरान इच्छुक विद्यार्थी विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह अवसर उन छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो किसी कारणवश नियमित कॉलेज नहीं जा पाते, लेकिन उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।
बिहार में 30 केंद्रों से मिल रहा लाभ
IGNOU के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ई. कृष्णाराव ने जानकारी दी कि क्षेत्रीय केंद्र पटना के अंतर्गत बिहार के 17 जिलों में लगभग 30 अध्ययन केंद्र संचालित हैं। ये केंद्र शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप कोर्स
IGNOU ने नई शिक्षा नीति के तहत कई आधुनिक और बहुविषयक कार्यक्रम शुरू किए हैं। इसमें चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, ऑनर्स डिग्री कोर्स और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार पारंपरिक और तकनीकी दोनों प्रकार के कोर्स का चयन कर सकते हैं।
विदेशी भाषा और रोजगारोन्मुख कोर्स
विश्वविद्यालय द्वारा विदेशी भाषाओं में भी सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें फ्रेंच, जर्मन और कोरियन भाषा शामिल हैं। इसके साथ ही बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (BLIS) और मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (MLIS) जैसे रोजगारपरक कोर्स भी उपलब्ध हैं।
AI, डेटा साइंस और क्लाइमेट चेंज कोर्स पर फोकस
आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए IGNOU ने एमएससी इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग और एमएससी इन डेटा साइंस जैसे अत्याधुनिक कोर्स भी शुरू किए हैं। ये कोर्स छात्रों को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करने में मदद करेंगे।

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