करीब 56.41 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर दूसरी रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 916.18 करोड़ रुपये की लागत को स्वीकृति प्रदान की है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल परिवहन को नई मजबूती देगी।
916.18 करोड़ रुपये की परियोजना
रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत इस परियोजना की कुल लागत 916.18 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा सिविल निर्माण कार्यों पर खर्च किया जाएगा। परियोजना के तहत 671.55 करोड़ रुपये सिविल कार्यों पर खर्च होंगे। 149.69 करोड़ रुपये अन्य आवश्यक कार्यों और सुविधाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। 94.94 करोड़ रुपये विद्युत, टीआरडी और जनरेटर से जुड़े कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
पूर्वोत्तर क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ
रेलवे बोर्ड के अनुसार इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेलखंड रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मार्ग पूर्वोत्तर राज्यों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। डबल लाइन बनने से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
रेलवे बोर्ड ने जारी किया स्वीकृति पत्र
परियोजना को औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद रेलवे बोर्ड की ओर से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे मुख्यालय, मालीगांव को स्वीकृति पत्र भेज दिया गया है। इसके साथ ही निर्माण कार्य से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है।

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