करीब 3936 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार का अनुमान है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद खगड़िया से पूर्णिया तक की यात्रा महज दो घंटे के आसपास सिमट सकती है।
2028 तक पूरा होने की उम्मीद
अधिकारियों के अनुसार परियोजना के लिए आवश्यक लगभग 90 प्रतिशत भूमि पहले से उपलब्ध है, जिससे निर्माण कार्य शुरू करने में ज्यादा बाधा नहीं आएगी। परियोजना को ढाई वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद लंबे समय तक सड़क के रखरखाव की भी व्यवस्था की गई है।
बाईपास, फ्लाइओवर और अंडरपास
फोरलेन परियोजना के तहत केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि आधुनिक यातायात सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। योजना में पूर्णिया शहर के लिए 6.73 किलोमीटर लंबा नया बाईपास बनाया जाएगा, जिससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा।
इन परियोजनाओं का भी होगा निर्माण
इसके अलावा परियोजना में 1 इंटरचेंज, 9 फ्लाइओवर, 29 अंडरपास, 3 फुट ओवरब्रिज, 30 बस-बे, 8 ट्रक ले-बाय का निर्माण प्रस्तावित है। इससे यात्रियों और मालवाहक वाहनों दोनों को बेहतर सुविधा मिलेगी। परियोजना के तहत कुरसेला क्षेत्र में कोसी नदी पर लगभग 1090 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य बड़े और छोटे पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था और मजबूत होगी।
गांवों और कस्बों को मिलेगा सीधा लाभ
घनी आबादी वाले क्षेत्रों और प्रमुख जंक्शनों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए 65 किलोमीटर सर्विस रोड और 101 किलोमीटर स्लिप रोड का प्रावधान किया गया है। इससे स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिलेगी और हाईवे पर दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा।
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