सरकार का मानना है कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब बेटियों को समान अवसर और बेहतर संसाधन उपलब्ध हों। इसी सोच के साथ शुरू की गई यह योजना अब प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंच रही है और बड़ी संख्या में परिवारों को लाभान्वित कर रही है।
लाखों बेटियों को मिला सीधा लाभ
योजना के तहत अब तक प्रदेश की लाखों बालिकाओं को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ मिल रहा है। पारदर्शी व्यवस्था के कारण पात्र परिवारों का भरोसा भी बढ़ा है और अधिक लोग योजना से जुड़ रहे हैं। इसका लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
जन्म से शिक्षा तक मिलता है आर्थिक सहयोग
1 .बेटी के जन्म के बाद परिवार को शुरुआती सहायता के रूप में 5,000 रुपये दिए जाते हैं।
2 .बच्ची का एक वर्ष तक का पूरा टीकाकरण होने पर 2,000 रुपये की अतिरिक्त मदद मिलती है।
3 .पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
4 .कक्षा 6 में दाखिला होने पर बालिका को 3,000 रुपये का लाभ मिलता है।
5 .नौवीं कक्षा में पहुंचने पर 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
6 .इंटरमीडिएट के बाद डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं।
7 .इस प्रकार योजना के तहत एक बालिका को विभिन्न चरणों में कुल 25,000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

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