12.69 करोड़ मतदाताओं की बनी थी अनंतिम सूची
राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 दिसंबर को पंचायत चुनाव की अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी। इस सूची में प्रदेश के 12.69 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल किए गए थे। यह संख्या वर्ष 2021 की पंचायत चुनाव मतदाता सूची में दर्ज 12.29 करोड़ मतदाताओं की तुलना में अधिक थी।
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए। आयोग के आंकड़ों के अनुसार 1.81 करोड़ नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। जबकि 21.08 लाख मतदाताओं के विवरण में संशोधन किया गया। वहीं, 1.41 करोड़ नाम सूची से हटाए गए। इन बदलावों का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना था ताकि केवल पात्र मतदाता ही मतदान प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
लाखों दावे और आपत्तियों का निस्तारण
अनंतिम सूची जारी होने के बाद आयोग ने दावे और आपत्तियां आमंत्रित की थीं। प्रदेशभर से लाखों आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से संबंधित मांगें शामिल थीं। निर्वाचन अधिकारियों ने सभी आवेदनों की सुनवाई कर उनका निस्तारण पूरा किया। इसके अलावा अप्रैल और मई के दौरान मतदाता सूची में दर्ज डुप्लीकेट नामों की जांच के लिए विशेष अभियान भी चलाया गया। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अंतिम सूची प्रकाशित की जा रही है।
पहली बार तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल
इस बार पंचायत चुनाव में तकनीक का उपयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। आयोग ने सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर आवंटित किए हैं। साथ ही मतदाताओं का फोटो सहित पूरा विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत मतदान केंद्र पर मतदाता की पहचान डिजिटल माध्यम से सत्यापित की जा सकेगी। इससे फर्जी मतदान और एक व्यक्ति द्वारा बार-बार वोट डालने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
अंतिम सूची से चुनावी तस्वीर होगी साफ
पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी होना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इसके बाद निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम को लेकर आगे की कार्रवाई तेज कर सकता है। ऐसे में प्रदेश के लाखों संभावित उम्मीदवारों और 12 करोड़ से अधिक मतदाताओं की नजर अब आयोग के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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