43 करोड़ रुपये के भुगतान की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में सासामुसा शुगर वर्क्स से जुड़े गन्ना किसानों के बकाया लगभग 43 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी दी गई। इससे हजारों किसानों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी और बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की दिशा में भी रास्ता साफ होगा।
ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)' को मंजूरी दी है, जिसे 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका उपलब्ध कराना है।
शिक्षा और तकनीक में नई पहल
आईआईटी पटना में रिसर्च पार्क और नए हॉस्टल निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे उच्च शिक्षा और तकनीकी शोध को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ई-प्रोक्योरमेंट 2.0 और BIHAR SNA-SPARSH सिस्टम के लिए बजट स्वीकृत किया गया है, जिससे सरकारी कामकाज और भुगतान प्रणाली अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
सिंचाई और बाढ़ प्रबंधन पर बड़ा निवेश
कृषि और जल संसाधन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को हरी झंडी दी गई है। डकरानाला पंप नहर योजना के लिए 251.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। सिंधवारणी जलाशय योजना के लिए 196.89 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रबंधन कार्यों के लिए भी बड़ी राशि को मंजूरी दी गई। इन योजनाओं से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और बाढ़ से होने वाले नुकसान में कमी आने की उम्मीद है।
शहरों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में सीवरेज और जलापूर्ति से जुड़ी कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं पर 100 करोड़ से 375 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाएंगे। इससे शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और पर्यावरणीय स्थिति में सुधार होगा।
प्रशासनिक सुधार और निवेश को बढ़ावा
कैबिनेट ने वाणिज्य-कर विभाग, ई-स्टाम्प नियमावली और निजी नर्सिंग होम नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया आसान और प्रभावी बनेगी। इसके अलावा निवेश प्रोत्साहन बोर्ड को अधिक अधिकार देकर राज्य में औद्योगिक निवेश को गति देने का भी निर्णय लिया गया है।
सामाजिक सुरक्षा और किसानों के लिए बड़े फैसले
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मई से जुलाई 2026 तक अग्रिम भुगतान के लिए 3,662 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है। इससे लाखों लाभार्थियों को समय पर पेंशन मिल सकेगी। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को 2026-27 से फिर लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में सुरक्षा मिल सकेगी।

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