अधिकारियों के अनुसार अगले महीने के पहले सप्ताह तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य पूरा हो सकता है, जिससे पटना और उत्तर बिहार के बीच आवागमन की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। यह पुल गंगा नदी पर बनाया जा रहा है और इसे राज्य की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल किया जाता है। परियोजना पूरी होने के बाद लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
98 प्रतिशत से अधिक काम पूरा
पथ निर्माण विभाग के अनुसार परियोजना का 98 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में पुल पर फिनिशिंग, तकनीकी परीक्षण और अन्य अंतिम कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि शेष कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कर पुल को पूरी तरह चालू कर दिया जाए। निर्माण कार्य लगभग समाप्त होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इस पुल का इंतजार कई वर्षों से किया जा रहा था।
करीब 20 किलोमीटर लंबी परियोजना
यह परियोजना कुल 19.76 किलोमीटर लंबी है। इसमें लगभग 9.76 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल और करीब 10 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग शामिल हैं। यह आधुनिक छह लेन पुल पटना के कच्ची दरगाह क्षेत्र को वैशाली जिले के बिदुपुर से जोड़ेगा। परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी पटना से उत्तर बिहार के कई जिलों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
इन जिलों को होगा सबसे बड़ा फायदा
इस पुल के शुरू होने से पटना, वैशाली, हाजीपुर, समस्तीपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उत्तर बिहार से राजधानी आने-जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। इसके अलावा व्यापारियों, किसानों और छोटे उद्यमियों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं की आवाजाही तेज होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इस पुल से गांधी सेतु पर घटेगा दबाव
वर्तमान में उत्तर बिहार और पटना के बीच यातायात का बड़ा हिस्सा गांधी सेतु पर निर्भर है। वाहनों की अधिक संख्या के कारण यहां अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है। कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल चालू होने के बाद यातायात का बड़ा हिस्सा नए मार्ग की ओर स्थानांतरित होगा, जिससे गांधी सेतु पर दबाव कम होगा और यात्रियों को राहत मिलेगी।
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