यूपी में बीएड छात्रों के लिए नया फरमान, सभी जिलों में लागू

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश में बीएड की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है। राज्य सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाने के उद्देश्य से निर्णय लिया है कि अब सभी सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों के प्रशिक्षुओं को अनिवार्य रूप से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इंटर्नशिप करनी होगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

नई व्यवस्था के तहत जहां राजकीय माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध होंगे, वहां बीएड प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं जिन क्षेत्रों में ऐसे विद्यालय नहीं हैं, वहां सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को इंटर्नशिप केंद्र बनाया जाएगा। इससे प्रशिक्षण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने में मदद मिलेगी।

शिक्षण कार्य का मिलेगा वास्तविक अनुभव

बीएड पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा इंटर्नशिप होता है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षु विद्यालयी वातावरण को नजदीक से समझते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्र-छात्राओं को कक्षा में पढ़ाने, पाठ योजना तैयार करने, विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने तथा विद्यालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा प्रशिक्षु विभिन्न सांस्कृतिक, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी भाग लेकर शिक्षा व्यवस्था के व्यावहारिक पक्ष को जान सकेंगे। इससे उन्हें भविष्य में एक सक्षम और प्रभावी शिक्षक बनने में सहायता मिलेगी।

जिलास्तर पर होगी निगरानी

माध्यमिक शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी बीएड कॉलेजों को अपने प्रशिक्षुओं की जानकारी समय पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का चयन कर प्रशिक्षुओं को आवंटित किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी ताकि प्रशिक्षण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।

शिक्षण कौशल को नया आयाम

जानकारों का मानना है कि विद्यालयों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण से छात्र-छात्राओं की शिक्षण क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में कार्य करने से प्रशिक्षु कक्षा प्रबंधन, विषय प्रस्तुतीकरण और विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करने की कला बेहतर ढंग से सीख सकेंगे।

शिक्षा व्यवस्था को भी होगा लाभ

इस पहल से केवल बीएड प्रशिक्षुओं को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों को भी अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग मिलेगा। युवा प्रशिक्षुओं की भागीदारी से विद्यालयों में नई ऊर्जा और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का यह कदम शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

0 comments:

Post a Comment