उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने इस योजना के दूसरे चरण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की है। प्रस्तावित बस स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। साथ ही इनके परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बस अड्डे भविष्य में शहरों के प्रमुख ट्रांजिट और कारोबारी केंद्रों के तौर पर उभर सकते हैं।
18 शहरों को मिलेगा आधुनिक बस अड्डे का लाभ
योजना में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के 18 स्थानों को शामिल किया गया है। इनमें अकबरपुर, अमेठी, बदायूं, भिनगा, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, गोला, सिधौली, माती, उन्नाव, हैदरगढ़, नहटौर, सराय अकिल, बादशाहपुर, तरवा, पीलीभीत और निचलौल शामिल हैं।
निजी निवेश से तैयार होगा नया इंफ्रास्ट्रक्चर
इन परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की योजना है। यानी सरकारी परिवहन व्यवस्था के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी होगी। अधिकारियों के अनुसार, 18 प्रस्तावित परियोजनाओं में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होने की संभावना है।
बस स्टेशन के साथ मिलेगा कारोबार का स्पेस
नई योजना की खास बात यह है कि बस स्टेशन को केवल यात्रियों के चढ़ने-उतरने की जगह नहीं बनाया जाएगा। परिसर में जरूरत के मुताबिक दुकानें, खाने-पीने के आउटलेट, होटल, कार्यालय और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं के लिए कमर्शियल स्पेस विकसित किया जा सकता है। इससे यात्रियों को एक ही जगह पर कई जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।
10 अगस्त तक टेंडर जमा करने का मौका
इन परियोजनाओं के लिए निविदा जमा करने की निर्धारित अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 दोपहर 2 बजे है। इच्छुक निवेशक टेंडर से संबंधित नियम, शर्तें और अन्य विवरण उत्तर प्रदेश परिवहन निगम तथा राज्य के ई-टेंडर पोर्टल पर देख सकते हैं।

0 comments:
Post a Comment