5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त लोन
योजना के तहत पात्र युवाओं को परियोजना की जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता दी जाती है। निर्धारित सीमा तक की परियोजनाओं के लिए ब्याज-मुक्त ऋण का प्रावधान है। इससे कारोबार शुरू करने वाले युवाओं पर शुरुआती दौर में ब्याज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। लोन को गारंटी-मुक्त रखने की व्यवस्था भी युवाओं के लिए राहत देने वाली है। यानी बैंक से वित्तीय सहायता लेते समय सामान्य तौर पर संपत्ति को गिरवी रखने जैसी बाध्यता नहीं होगी।
मार्जिन मनी की भी सुविधा
युवा उद्यमी योजना में सिर्फ ऋण की सुविधा ही नहीं, बल्कि शुरुआती पूंजी के बोझ को कम करने के लिए मार्जिन मनी अनुदान का भी प्रावधान है। परियोजना की लागत के आधार पर निर्धारित सहायता युवाओं को कारोबार स्थापित करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा योजना के तहत लाभार्थियों को व्यवसाय से संबंधित जरूरी कौशल विकसित करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है।
21 से 40 वर्ष के युवा कर सकते हैं आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही कम से कम 8वीं कक्षा पास होना जरूरी है। आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण से संबंधित प्रमाण पत्र भी होना चाहिए। इसके अलावा बैंक या किसी वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है उद्देश्य
युवा उद्यमी योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय अपना रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। ब्याज-मुक्त ऋण, गारंटी से राहत, मार्जिन मनी सहायता और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं नए कारोबार की शुरुआत में मददगार साबित हो सकती हैं।
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