करीब 102 किलोमीटर सड़क को बनाया जाएगा फोरलेन
मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 के करीब 102 किलोमीटर हिस्से को चार लेन में विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुख्यालय भेजी जा चुकी है। इस परियोजना पर करीब 3,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
एनएच-139 के चौड़ीकरण से दक्षिण बिहार को फायदा
दूसरी बड़ी परियोजना एनएच-139 से जुड़ी है। प्रस्ताव के अनुसार नौबतपुर से झारखंड सीमा तक इस मार्ग को फोरलेन किया जाना है। यह सड़क पटना को औरंगाबाद के रास्ते आगे वाराणसी, रांची और कोलकाता की दिशा में जाने वाले प्रमुख मार्गों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुजफ्फरपुर में ईस्टर्न बाइपास से कम होगा जाम
मुजफ्फरपुर ईस्टर्न बाइपास को भी सड़क नेटवर्क की इस बड़ी योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है। बाइपास बनने से भारी वाहनों को शहर के अंदर से होकर गुजरने की जरूरत कम होगी। इससे शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों का दबाव घट सकता है।
केंद्रीय मंजूरी के लिए किया गया अनुरोध
इन सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से आवश्यक मंजूरी देने का अनुरोध किया है। अब परियोजनाओं की स्वीकृति और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर है।
कई जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
इन दोनों प्रमुख सड़क परियोजनाओं का असर सिर्फ एक शहर या जिले तक सीमित नहीं रहेगा। मुजफ्फरपुर, बरौनी, पटना, औरंगाबाद समेत उत्तर और दक्षिण बिहार से जुड़े क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों के लिए भी आवागमन आसान हो सकता है।

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