1. बिना वजह वजन बढ़ना या घटना
थायराइड हार्मोन में असंतुलन का असर शरीर के मेटाबॉलिज्म पर पड़ सकता है। हाइपोथायरायडिज्म में पर्याप्त कैलोरी न बढ़ने के बावजूद वजन बढ़ सकता है, जबकि हाइपरथायरायडिज्म में सामान्य या बढ़ी हुई भूख के बावजूद वजन कम हो सकता है। अगर वजन में लगातार और बिना स्पष्ट कारण बदलाव हो रहा है, तो इसकी जांच कराना उचित है।
2. हर समय थकान और कमजोरी
पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान, कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस होना भी थायराइड से जुड़ा संकेत हो सकता है। खासकर हाइपोथायरायडिज्म में शरीर की कई प्रक्रियाएं धीमी हो जाती हैं, जिससे व्यक्ति को सुस्ती और काम करने में परेशानी महसूस हो सकती है।
3. दिल की धड़कन में बदलाव
थायराइड हार्मोन का असर हृदय की गति पर भी पड़ता है। हार्मोन अधिक बनने पर दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस हो सकती है। दूसरी ओर, हार्मोन कम होने पर धड़कन सामान्य से धीमी हो सकती है। बार-बार धड़कन तेज होने या असामान्य महसूस होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
4. बहुत ज्यादा ठंड या गर्मी लगना
बिना मौसम के जरूरत से ज्यादा ठंड लगना हाइपोथायरायडिज्म का संकेत हो सकता है। वहीं, हाइपरथायरायडिज्म में व्यक्ति को सामान्य से अधिक गर्मी लग सकती है और पसीना भी ज्यादा आ सकता है। शरीर के तापमान को लेकर लगातार असामान्य बदलाव महसूस हो तो डॉक्टर से जांच कराने की जरूरत हो सकती है।
5. बाल और त्वचा में बदलाव
थायराइड हार्मोन का असंतुलन त्वचा और बालों पर भी असर डाल सकता है। हाइपोथायरायडिज्म में त्वचा रूखी और बाल सूखे या कमजोर हो सकते हैं तथा बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। कुछ लोगों में भौंहों के बाल भी पतले होने लगते हैं। हालांकि, इन लक्षणों के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

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