केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, देश के 100 शहरों के लिए आई खुशखबरी

नई दिल्ली। देश में हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्र सरकार ने अगले एक दशक के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। सरकार की योजना के तहत आने वाले 10 वर्षों में करीब 100 नए हवाई अड्डे विकसित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह विस्तार मुख्य रूप से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इसके जरिए छोटे शहरों, पहाड़ी इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों को देश के बड़े विमानन केंद्रों से जोड़ने पर जोर रहेगा।

12 साल में दोगुने से ज्यादा हुआ नेटवर्क

केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू के मुताबिक, वर्ष 2014 में देश में 74 हवाई अड्डे ही परिचालन में थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 166 तक पहुंच चुकी है। सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में विमानन ढांचे के विस्तार से देश के कई नए इलाके हवाई सेवा के नक्शे पर आए हैं। अब अगला लक्ष्य सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। टियर-2 और टियर-3 शहरों के अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों और द्वीपों तक हवाई नेटवर्क पहुंचाने की तैयारी है।

'उड़ान' योजना को मिलेगा विस्तार

इस परियोजना को संशोधित उड़ान योजना के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से करीब 28,840 करोड़ रुपये से 30,000 करोड़ रुपये तक का बजट प्रस्तावित है। इसका मकसद उन शहरों और क्षेत्रों में हवाई सेवाएं पहुंचाना है जहां अभी विमान से यात्रा के विकल्प सीमित हैं। नए एयरपोर्ट बनने से स्थानीय लोगों के साथ व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

अहमदाबाद से जुड़ा नया कनेक्शन मॉडल

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 'हब एंड स्पोक' मॉडल की शुरुआत भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था में छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों को बड़े हवाई अड्डों तक पहुंचाकर वहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है।

इससे छोटे शहरों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय सफर के लिए बार-बार अलग-अलग साधन तलाशने की जरूरत कम होगी। खासकर गुजरात जैसे राज्यों के उन परिवारों और यात्रियों को फायदा मिल सकता है, जिनका विदेशों से लगातार आना-जाना रहता है।

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