1. चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे
करीब 120 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट को वाराणसी और बांदा से जोड़ेगा। इस मार्ग के बनने से धार्मिक स्थल चित्रकूट धाम तक पहुंच आसान होगी, जिससे पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। परियोजना को जुलाई 2025 में मंजूरी मिल चुकी है और इसके 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
2. जालौन लिंक एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को जालौन जिले से जोड़ेगा। लगभग 115 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फिलहाल चार लेन में बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस परियोजना में 63 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इससे स्थानीय जमीनों की कीमत बढ़ेगी और क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं खुलेंगी।
3. विंध्य एक्सप्रेसवे
यूपी का सबसे लंबा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे विंध्य एक्सप्रेसवे होगा, जिसकी लंबाई लगभग 320 किलोमीटर तय की गई है। यह प्रयागराज से शुरू होकर मिर्जापुर, वाराणसी और चंदौली होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। 23,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट दो से तीन साल में पूरा हो सकता है और विंध्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में नई जान डालेगा।
4. विंध्य–पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे
पूर्वी यूपी में कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए 100 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। यह मार्ग चंदौली के पास विंध्य एक्सप्रेसवे को गाजीपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। 7,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर पर्यटन और व्यापार दोनों के लिए उपयोगी साबित होगा।
5. मेरठ–हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे
धार्मिक नगरी हरिद्वार तक सीधी पहुंच बनाने के लिए मेरठ से आगे लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रस्तावित है। वर्तमान में गाजियाबाद से मेरठ तक एक्सप्रेसवे बना हुआ है, जिसे आगे बढ़ाकर हरिद्वार तक ले जाया जाएगा। यह मार्ग प्रयागराज से आने वाले गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा, जिससे पूर्वी यूपी से हरिद्वार तक बिना रुकावट यात्रा संभव हो सकेगी।
6. आगरा–लखनऊ गंगा लिंक एक्सप्रेसवे
दो प्रमुख एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 90 किलोमीटर लंबा नया लिंक मार्ग बनाया जाएगा। यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद होते हुए गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। परियोजना पर 7,488 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसका कार्य 2025 के अंत तक शुरू हो जाएगा।
7. चित्रकूट–रीवा लिंक एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यह 70 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इसे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लोगों को एमपी तक सीधी यात्रा सुविधा मिलेगी। यह मार्ग व्यापार और पर्यटन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित होगा।
8. जेवर लिंक एक्सप्रेसवे
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के साथ-साथ यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला जेवर लिंक एक्सप्रेसवे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा। परियोजना को मंजूरी और बजट दोनों मिल चुके हैं। इसके साल 2025 के अंत तक निर्माण शुरू होने की संभावना है। यह मार्ग बुलंदशहर के रास्ते यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।
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