जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई होंगी आयोग की चेयरमैन
सरकार ने इस आयोग की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी है। उनके साथ आईआईएम बैंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। यह टीम कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन संरचना की विस्तृत समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
कौन होंगे लाभार्थी?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख से अधिक पेंशनर्स, जिनमें रक्षा सेवाओं के जवान और अधिकारी भी शामिल हैं, सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। यह आयोग केंद्र सरकार के उन सभी कर्मचारियों के वेतनमान, ग्रेड पे, पेंशन और महंगाई भत्ते (DA) की संरचना की समीक्षा करेगा जो सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत आते हैं।
सरकार ने पहले ही बनाई थी रूपरेखा
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि जनवरी 2025 में ही 8वें वेतन आयोग को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई थी। इसके बाद विभिन्न मंत्रालयों जैसे रक्षा, गृह, रेलवे और वित्त से राय-मशविरा लेकर आयोग के कार्यक्षेत्र को अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि आयोग के गठन से पहले राज्य सरकारों से भी परामर्श लिया गया ताकि इसकी सिफारिशें देशव्यापी प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप हों।
18 महीनों में आएगी रिपोर्ट
सरकार ने आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे में संशोधन करेगी। यदि सब कुछ तय समय पर हुआ, तो आयोग की सिफारिशें 2027 से लागू की जा सकती हैं।
त्योहारों के बीच बड़ा तोहफा
दिवाली और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के बाद यह घोषणा केंद्रीय कर्मचारियों के लिए किसी त्योहारी बोनस से कम नहीं है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी बल्कि उपभोक्ता मांग में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।

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