रबी सीजन के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी
कैबिनेट ने इस सीजन के लिए कुल ₹37,952 करोड़ की फर्टिलाइज़र सब्सिडी को मंजूरी दी है, जो कि पिछले खरीफ सीजन की तुलना में ₹736 करोड़ अधिक है। इससे किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और वे आवश्यक उर्वरक उचित कीमत पर प्राप्त कर सकेंगे।
न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी का लाभ
सरकार ने फॉस्फेटिक और पोटैसिक (P&K) उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) की दरों को मंजूरी दी है। इससे उर्वरक कंपनियां निर्धारित दरों के अनुसार खाद किसानों तक पहुँचाएँगी। विशेष रूप से DAP और NPKS ग्रेड के उर्वरकों पर यह सब्सिडी लागू होगी, जिससे इनका मूल्य नियंत्रण में रहेगा।
किसानों को मिलेगा कितना लाभ?
सब्सिडी का मुख्य उद्देश्य किसानों के लिए खाद की कीमतों को किफायती बनाए रखना है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों और उनके इनपुट की कीमतों में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने सब्सिडी दरों को तर्कसंगत रूप से निर्धारित किया है। इससे किसानों को रियायती दरों पर खाद उपलब्ध होगी और कृषि उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।
NBS योजना का महत्व
भारत सरकार 2010 से NBS योजना के तहत 28 प्रकार के P&K उर्वरकों को रियायती कीमत पर किसानों तक पहुँचाती रही है। इस योजना के माध्यम से सब्सिडी सीधे उर्वरक निर्माताओं और आयातकों को दी जाती है, ताकि किसानों को खाद उचित मूल्य पर मिल सके।
इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि सरकार कृषि क्षेत्र में स्थिरता और किसानों के हितों को प्राथमिकता देती है। वैश्विक कीमतों में वृद्धि के बावजूद, देश में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की लागत कम करने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।
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