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रिजर्ब बैंक और इंडिया में 572 पदों पर भर्ती, 4 फरवरी तक करें आवेदन

नई दिल्ली। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने वर्ष 2026 के लिए ऑफिस अटेंडेंट पदों पर बड़ी भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के अंतर्गत कुल 572 पद भरे जाएंगे। यह अवसर खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने 10वीं कक्षा पास की है और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियाँ

RBI ऑफिस अटेंडेंट भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 4 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल RBI की आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

पद का विवरण

संस्था का नाम: रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI)

पद का नाम: ऑफिस अटेंडेंट

कुल पद: 572

शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवार का संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से 10वीं (SSC/मैट्रिक) पास होना अनिवार्य है। इसके बारे में और अधिक जानकारी के लिए नोटिश देखें।

आयु सीमा

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को ₹24,250 से ₹53,550 प्रति माह का आकर्षक वेतन मिलेगा, जो RBI जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के लिए एक बेहतरीन शुरुआत मानी जाती है।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवारों को RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन करते समय सभी विवरण सावधानीपूर्वक भरें और आवश्यक दस्तावेज़ सही तरीके से अपलोड करें।

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला! अनुमंडल स्तर पर बना नया पद

पटना। बिहार में भूमि और राजस्व प्रशासन को लेकर चल रहे लंबे विवाद के बीच नीतीश सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के पद पर तैनाती को लेकर बिहार प्रशासनिक सेवा और बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों के बीच चल रहे टकराव के समाधान की दिशा में सरकार ने अनुमंडल स्तर पर एक नया पद बना दिया है। इस नए पद को अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी का नाम दिया गया है।

सरकार ने इसके लिए बिहार राजस्व सेवा नियमावली, 2010 में संशोधन किया है, जिसकी अधिसूचना राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी कर दी गई है। साफ तौर पर तय किया गया है कि इस पद पर केवल बिहार राजस्व सेवा के अधिकारी ही तैनात किए जाएंगे। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार राजस्व सेवा के अधिकारियों को उनकी मूल भूमिका और अधिकार देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी की जिम्मेदारियां तय

नए पद के साथ सरकार ने आठ प्रमुख कार्य भी निर्धारित किए हैं। इनमें अंचल स्तर पर होने वाले कार्यों का पर्यवेक्षण, राजस्व संग्रह, ऑनलाइन राजस्व प्रबंधन, सरकारी भूमि की सुरक्षा, लोक प्रयोजन के लिए भूमि उपलब्ध कराना, आपदा प्रबंधन और विशेष अभियानों का संचालन शामिल है। इसके अलावा जन शिकायतों की सुनवाई और अर्द्ध-न्यायिक मामलों का निपटारा भी इस पदाधिकारी की जिम्मेदारी होगी।

राजस्व सेवा की पृष्ठभूमि और विवाद की जड़

बिहार राजस्व सेवा का गठन वर्ष 2010 में इस उद्देश्य से किया गया था कि भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों के लिए एक अलग संवर्ग तैयार किया जाए। इससे पहले अंचलाधिकारी, डीसीएलआर और भूमि अर्जन पदाधिकारी जैसे पदों पर केवल बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ही तैनाती होती थी। तय किया गया था कि राजस्व सेवा के अधिकारियों की शुरुआत अंचलाधिकारी के पद से होगी और प्रोन्नति के बाद उन्हें उच्च पदों पर जिम्मेदारी दी जाएगी।

हालांकि व्यवहार में ऐसा पूरी तरह नहीं हो सका। अंचलाधिकारी के बाद का महत्वपूर्ण पद डीसीएलआर होता है। राज्य में कुल 101 अनुमंडल हैं, जहां डीसीएलआर की तैनाती होती है। अब जबकि बिहार राजस्व सेवा के अधिकारी 15 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं और डीसीएलआर समेत उच्च पदों के लिए योग्य हो चुके हैं, इसके बावजूद अधिकतर पदों पर बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ही बने हुए हैं।

हाई कोर्ट में लंबित है मामला

पिछले साल जून में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को डीसीएलआर के पद पर बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों की तैनाती का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक इस आदेश पर पूरी तरह अमल नहीं हो सका है। अगली सुनवाई फरवरी में होनी है, जहां सरकार को यह बताना होगा कि आदेश लागू करने में उसे किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी का नया पद बनाना सरकार की रणनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे न सिर्फ प्रशासनिक संतुलन बनेगा, बल्कि राजस्व सेवा के अधिकारियों को भी उनकी भूमिका के अनुरूप जिम्मेदारी और सम्मान मिल सकेगा।

बिहार में 17 हजार पदों पर सैप की होगी बहाली

पटना। बिहार में एनडीए सरकार ने रोजगार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम फैसला लिया है। राज्य के पूर्व सैनिकों को ध्यान में रखते हुए विशेष सशस्त्र पुलिस (सैप) में बड़े पैमाने पर बहाली की घोषणा की गई है। वर्ष 2026-27 के दौरान सैप के कुल 17,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे हजारों लोगों को सरकारी सेवा में आने का मौका मिलेगा।

इस भर्ती अभियान की खास बात यह है कि इसमें भारतीय सेना से सेवानिवृत्त जवानों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के रिटायर्ड अर्धसैनिकों को अवसर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन अनुभवी कर्मियों की नियुक्ति से राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा। साथ ही, यह कदम पूर्व सैनिकों के अनुभव का सकारात्मक उपयोग करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

डिप्टी सीएम ने X पर दी जानकारी

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि केवल सैप ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधार के तहत राज्य के विभिन्न विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के 436 नए पदों पर भी बहाली की जाएगी। इसका उद्देश्य लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरना और सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना है।

सरकार का यह फैसला रोजगार सृजन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इन नियुक्तियों से न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य के पूर्व सैनिकों को एक बार फिर सम्मानजनक भूमिका के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। कुल मिलाकर, यह पहल बिहार में विकास, सुरक्षा और रोजगार के संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है।

बिहार में इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, बढ़ी सैलरी!

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के विशेष सशस्त्र पुलिस (SAP) बल के कर्मचारियों के लिए एक अहम और राहत भरा फैसला लिया है। लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी की मांग कर रहे सैप जवानों के लिए यह निर्णय किसी खुशखबरी से कम नहीं है। सरकार ने सैप से जुड़े विभिन्न पदों के मानदेय में उल्लेखनीय इजाफा किया है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

नए फैसले के तहत जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) का मानदेय 23,800 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये कर दिया गया है। यानी उन्हें सीधे 11,200 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। इसी तरह सैप जवानों का मानदेय 19,800 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि रसोइयों का मानदेय 15,100 रुपये से बढ़कर अब 25,000 रुपये हो गया है। यह बढ़ोतरी न सिर्फ आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल को भी मजबूत करेगी।

सरकार का मानना है कि बेहतर वेतन मिलने से सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता और समर्पण दोनों में सुधार होगा। सैप जवान राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में उनके आर्थिक हालात को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता बनता है।

इस फैसले से सैप जवानों और उनके परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा। बढ़े हुए मानदेय से वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे, साथ ही भविष्य को लेकर भी अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। कुल मिलाकर, यह कदम बिहार सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच और मजबूत कानून व्यवस्था की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

यूपी के 2 शहरों को बाईपास का तोहफा, लोगों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के जौनपुर और आजमगढ़ शहरों में बाईपास परियोजनाओं को लेकर बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इन परियोजनाओं की मंजूरी देने की जानकारी दी है, जिससे इन शहरों में ट्रैफिक की समस्या को सुलझाने में मदद मिलेगी और लोगों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में भी सहायता मिलेगी।

1. जौनपुर: 12.2 किमी का 4-लेन वेस्टर्न बाईपास

जौनपुर में 12.2 किमी लंबा 4-लेन वेस्टर्न बाईपास बनने जा रहा है। इस बाईपास के निर्माण के लिए 944.19 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। यह परियोजना जौनपुर शहर के ट्रैफिक को व्यवस्थित करने में मदद करेगी और शहर के अंदर बढ़ती भीड़-भाड़ को कम करेगी। इस बाईपास का उद्देश्य शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी ट्रैफिक को बाहर निकाले बिना रुकावट के कनेक्टिविटी प्रदान करना है। 

यह बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-731 और राष्ट्रीय राजमार्ग-135A के बीच एक रिंग रोड के रूप में काम करेगा, जिससे जौनपुर के क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क में मिसिंग लिंक को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, यह बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर मौजूदा जौनपुर बाईपास और अन्य प्रमुख राजमार्गों से जुड़ा रहेगा, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और लोग बिना किसी रुकावट के जल्दी अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे।

2. आजमगढ़: 15 किमी का 4-लेन दक्षिण-पूर्व बाईपास

आजमगढ़ में भी एक बड़ा परिवहन सुधार होने जा रहा है। यहां 15 किमी लंबा 4-लेन दक्षिण-पूर्व बाईपास बनना तय हुआ है, जिसकी लागत 1279.13 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। यह बाईपास आजमगढ़ शहर के भीतर यातायात की भीड़ को कम करेगा और ट्रैफिक की गति को बढ़ाएगा।

इस परियोजना में एक फ्लाईओवर, दो इंटरचेंज, सर्विस रोड और स्लिप रोड जैसी सुविधाएं शामिल होंगी, जो शहर के ट्रैफिक नेटवर्क को अधिक सुविधाजनक और तेज़ बनाएंगी। बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-28 और राष्ट्रीय राजमार्ग-128B को जोड़ते हुए, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट करेगा, जिससे दोनों राजमार्गों के बीच ट्रैफिक की बेहतर आवाजाही हो सकेगी।

लोगों को होगा फायदा

इन बाईपास परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, जौनपुर और आजमगढ़ के लोग न केवल ट्रैफिक जाम से बच पाएंगे, बल्कि सड़क यात्रा में भी अधिक समय की बचत करेंगे। इसके अलावा, ये परियोजनाएं क्षेत्रीय ट्रैफिक आवाजाही में सुधार लाने के साथ-साथ शहरों में बढ़े हुए वाहनों के दबाव को भी कम करेंगी। यातायात की सुगमता के साथ-साथ इन परियोजनाओं से शहरों का विकास भी होगा। आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी, और स्थानीय व्यापार व उद्योग को भी फायदा मिलेगा।

ग्रेजुएट्स के लिए खुशखबरी, बिहार में 2 बड़ी भर्ती शुरू

पटना। बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी है। राज्य में इस साल दो बड़ी सरकारी भर्ती प्रक्रियाएँ शुरू हुई हैं, जिनमें ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ये अवसर नौकरी की तलाश कर रहे योग्य और मेहनती उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका हैं।

1. बिहार पुलिस सबऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) – सब इंस्पेक्टर प्रोहिबिशन

बिहार पुलिस सबऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) ने 78 सब इंस्पेक्टर (Prohibition) पदों के लिए भर्ती निकाली है। इस पद के लिए किसी भी विषय से स्नातक (Graduate) उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। स्नातक उम्मीदवार इस मौके का लाभ उठाकर पुलिस विभाग में स्थायी और प्रतिष्ठित नौकरी पाने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन

आवेदन शुरू होने की तिथि: 27 जनवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 27 फरवरी 2026

आधिकारिक वेबसाइट: BPSSC बिहार

2. बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) – ऑडिटर

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने 102 ऑडिटर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए B.A, B.Com, B.Sc, CA, ICWA, MBA/PGDM धारक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। यह पद वित्तीय और प्रशासनिक क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए उपयुक्त है।

आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन

आवेदन शुरू होने की तिथि: 5 फरवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 26 फरवरी 2026

आधिकारिक वेबसाइट: BPSC बिहार

आवेदन के लिए सुझाव

उम्मीदवार समय से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। ऑनलाइन आवेदन भरते समय व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक योग्यता सही-सही भरें। फीस भुगतान समय पर करें और आवेदन फॉर्म का प्रिंट अपने पास रखें। दोनों भर्तियों में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, इसलिए उम्मीदवारों को संबंधित वेबसाइट पर जाकर विस्तृत जानकारी पढ़नी चाहिए। यह अवसर बिहार के युवाओं के लिए स्थायी सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी

मेरठ। उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री के क्षेत्र में अब एक नई व्यवस्था लागू होने जा रही है, जो फर्जीवाड़े को पूरी तरह रोकने में मदद करेगी। अब कोई भी व्यक्ति सिर्फ अपने शब्दों पर खुद को संपत्ति का मालिक बताकर रजिस्ट्री नहीं करा सकेगा। सरकार ने इस प्रक्रिया को डिजिटल और बायोमीट्रिक तकनीक के जरिए पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है।

नई व्यवस्था क्या लाएगी?

1 फरवरी 2026 से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था के तहत, संपत्ति मालिक, खरीदार और गवाह सभी का सत्यापन आधार कार्ड के ई-केवाईसी के माध्यम से होगा। इस प्रक्रिया में अंगूठे की बायोमीट्रिक और ओटीपी आधारित सत्यापन शामिल है। केवल सत्यापन के बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। मेरठ जिले में सभी छह उप-निबंधक कार्यालयों में नई व्यवस्था लागू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। प्रत्येक कार्यालय में दो-दो बायोमीट्रिक डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि प्रक्रिया सुचारू और तेज़ी से हो सके।

फर्जीवाड़े पर लगाम

इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य रजिस्ट्री में फर्जी नाम-पते दर्ज करके संपत्ति हड़पने के मामलों को रोकना है। अब कोई भी व्यक्ति नकली दस्तावेज़ या मनमाना पता देकर संपत्ति पर दावा नहीं कर पाएगा। साथ ही, अब अधिवक्ताओं को रजिस्ट्री कराने से पहले ऑनलाइन जानकारियाँ दर्ज कर टाइम स्लॉट बुक करना होगा, जिससे भीड़ और लंबी लाइनें कम होंगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

ट्रायल की तैयारी

सहायक महानिरीक्षक निबंधन शर्मा नवीन कुमार के अनुसार, रविवार को इस नई व्यवस्था का ट्रायल किया जा सकता है, जिससे सभी प्रक्रियाओं की जाँच और सुधार पहले ही हो सके।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, छोटे शहरों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में छोटे शहरों और कस्बों के विकास के लिए एक नया युग शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में सुनियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग और पंचायती राज विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य न केवल शहरों के व्यवस्थित निर्माण को बढ़ावा देना है, बल्कि वर्षों से चल रहे विवादों का भी स्थायी समाधान करना है।

विकास प्राधिकरण और जिला पंचायत के विवाद का अंत

प्रदेश के कई छोटे शहरों में यह विवाद हमेशा से बना हुआ था कि नगरीय निकाय सीमा से बाहर के विकास क्षेत्र में निर्माण के लिए मानचित्र पास कराने की जिम्मेदारी किसकी है। विकास प्राधिकरण इसे अपनी मंजूरी के बिना अवैध मानता है, जबकि जिला पंचायत स्थानीय स्तर पर कई मानचित्र पास कर देती है। इससे अक्सर निर्माण के ध्वस्तीकरण या कानूनी विवाद खड़े हो जाते थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों विभागों से प्रस्तुतीकरण लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। अब भविष्य में ऐसे विवादों की संभावना बेहद कम हो जाएगी और निर्माण गतिविधियाँ नियमानुसार होंगी। यदि आवश्यक हुआ तो कानून में संशोधन करके इस प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बनाया जाएगा।

मास्टर प्लान का महत्व

मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों के मास्टर प्लान तैयार करने का भी निर्देश दिया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 17 नगर निगम सहित कुल 762 नगरीय निकाय हैं, जिनमें से केवल लगभग 200 के पास ही मास्टर प्लान हैं। मास्टर प्लान न केवल शहरों की व्यवस्थित योजना को सुनिश्चित करता है, बल्कि नए निर्माण, सड़क नेटवर्क, पार्किंग, जल निकासी और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश भी प्रदान करता है।

इसके तहत यह भी निर्णय लिया गया कि मौजूदा निर्माणों को यदि नियमानुसार और बाइलाज के तहत किया गया है, तो उन्हें बनाए रखा जाएगा। इसका मतलब यह है कि आम नागरिकों को अचानक नुकसान या बाधा नहीं होगी।

छोटे शहरों के लिए लाभ

स्थानीय स्तर पर निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

छोटे शहरों में व्यवस्थित और नियंत्रित विकास सुनिश्चित होगा।

निर्माण और विकास के लिए स्पष्ट प्रक्रियाएं तय होंगी, जिससे कानूनी विवाद खत्म होंगे।

नगरीय विकास योजनाओं के तहत सुविधाएं और बुनियादी ढांचा समय पर और व्यवस्थित रूप से उपलब्ध होंगे।

भारत-रूस मिलकर बना रहे ये घातक हथियार, चीन सन्न!

नई दिल्ली। भारत और रूस की रणनीतिक साझेदारी अब एक नए और बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। ब्रह्मोस मिसाइल, जिसे पहले ही दुनिया की सबसे खतरनाक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है, अब हाइपरसोनिक श्रेणी में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ब्रह्मोस‑2 के नाम से जाना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रूस की अग्रणी मिसाइल निर्माता कंपनी NPO माशिनोस्ट्रोयेनिया के डायरेक्टर जनरल और चीफ डिजाइनर अलेक्जेंडर लियोनोव ने मॉस्को में यह स्पष्ट कर दिया है कि ब्रह्मोस प्रोजेक्ट सिर्फ अपग्रेड नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी की मिसाइल तकनीक की ओर बढ़ रहा है।

सुपरसोनिक से हाइपरसोनिक तक

मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइल मैक 2.8 से अधिक की गति से उड़ान भरती है और बेहद कम ऊंचाई पर लक्ष्य को भेदने की क्षमता रखती है। यही कारण है कि आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भी इसे रोक पाना एक बड़ी चुनौती है। अब भारत और रूस इसे मैक 5 से मैक 7 की रफ्तार तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे यह हाइपरसोनिक हथियारों की श्रेणी में आ जाएगी।

ब्रह्मोस‑2 में क्या होगा नया?

ब्रह्मोस‑2 को पूरी तरह अगली पीढ़ी का हथियार माना जा रहा है। इसमें स्क्रैमजेट इंजन के इस्तेमाल की संभावना है। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट में हाई‑टेम्परेचर सहने वाले नए मटीरियल, उन्नत एयरोडायनामिक डिजाइन, अत्यधिक सटीक गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम, लंबी रेंज, जो भविष्य में 1500 किलोमीटर तक हो सकती है। ये सभी तकनीकें दुनिया के गिने‑चुने देशों के पास ही उपलब्ध हैं, जिससे ब्रह्मोस‑2 का महत्व और बढ़ जाता है।

रूस का अनुभव, भारत की ताकत

हाइपरसोनिक हथियारों के क्षेत्र में रूस का अनुभव बेहद व्यापक है। जिरकॉन जैसी मिसाइलों के सफल विकास ने रूस को इस तकनीक में अग्रणी बना दिया है। भारत इस अनुभव का लाभ उठाकर अपने स्वदेशी रिसर्च और डेवलपमेंट को नई गति दे सकता है। यह साझेदारी सिर्फ हथियार निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के वैज्ञानिक और रक्षा उद्योग के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और विशेषज्ञता हासिल करने का भी एक बड़ा अवसर है।

चीन के लिए क्यों है यह बड़ी चुनौती?

रणनीतिक दृष्टि से ब्रह्मोस‑2 का सबसे बड़ा असर चीन पर पड़ सकता है। मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइल को रोकने में ही चीन के एयर डिफेंस सिस्टम सक्षम नहीं हैं, जबकि हाइपरसोनिक ब्रह्मोस‑2 उसके लिए कहीं अधिक गंभीर चुनौती होगी। यह चीन के वेस्टर्न थिएटर कमांड और रॉकेट फोर्स की रणनीति के लिए एक मजबूत जवाब साबित हो सकता है। साथ ही, यह भारत को एक ऐसा डिटरेंस देगा, जिससे भविष्य में किसी भी आक्रामक कदम से पहले विरोधी को कई बार सोचना पड़ेगा।

डाक विभाग में 20,000+ पदों पर भर्ती शुरू, 10वीं पास को मौका

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय डाक विभाग ने जिस भर्ती का लंबे समय से इंतजार था, उसका डिटेल नोटिफिकेशन 31 जनवरी 2026 को जारी कर दिया गया है। इंडिया पोस्ट की इस भर्ती के तहत ग्रामीण डाक सेवक (GDS) के 20,000 से अधिक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत डाक विभाग में निम्न पदों को भरा जाएगा। ब्रांच पोस्ट मास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर (ABPM), डाक सेवक, ये सभी पद ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाओं को मजबूत करने के लिए निकाले गए हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

डाक विभाग की इस भर्ती में शैक्षणिक योग्यता को बेहद सरल रखा गया है। उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है, 10वीं में गणित और अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण अंक होने चाहिए

आयु सीमा क्या है?

न्यूनतम आयु: 18 वर्ष, अधिकतम आयु: 40 वर्ष, सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी।

कितना मिलेगा वेतन?

इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार आकर्षक वेतन मिलेगा। ब्रांच पोस्ट मास्टर (BPM): ₹12,000 से ₹29,380 प्रति माह, ABPM / डाक सेवक: ₹10,000 से ₹24,470 प्रति माह, इसके अलावा अन्य सरकारी भत्ते भी नियमानुसार मिलेंगे।

चयन कैसे होगा?

GDS भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी, चयन 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा, यानी जिन उम्मीदवारों के 10वीं में अच्छे अंक हैं, उनके लिए यह भर्ती किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है।

आवेदन कहां करें?

उम्मीदवार आवेदन के लिए इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही-सही अपलोड करना जरूरी होगा।

आवेदन की तारीखें

आवेदन शुरू: 31 जनवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 16 फरवरी 2026

आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

रेलवे में ''ग्रुप-D'' के 22195 पदों पर भर्ती, 20 से आवेदन शुरू

नई दिल्ली। रेलवे में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने 2026 में ग्रुप-D के 22,195 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। ये पद रेलवे के 16 जोनों में विभिन्न विभागों में हैं और वेतन 7वें सीपीसी लेवल 1 के अनुसार दिया जाएगा।

कौन आवेदन कर सकता है:

इस भर्ती के लिए 10वीं पास उम्मीदवार और आईटीआई/एनसीवीटी से प्रमाणित शिक्षुता धारक आवेदन कर सकते हैं। आयु सीमा 18 से 33 वर्ष है (01 जनवरी 2026 तक)।

महत्वपूर्ण तिथियां:

आवेदन प्रक्रिया शुरू: 20 फरवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 2 मार्च 2026

शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 4 मार्च 2026

आवेदन शुल्क:

सामान्य / ईडब्ल्यूएस / ओबीसी: ₹500 (₹400 वापसी योग्य), एससी / एसटी / पीडब्ल्यूडी / महिला / पूर्व सैनिक / ट्रांसजेंडर / अल्पसंख्यक / ईबीसी: ₹250 (सीबीटी में उपस्थित होने पर वापसी योग्य)

कैसे करें आवेदन:

इस भर्ती के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवार RRB की आधिकारिक वेबसाइट या भारतीय रेलवे की पोर्टल www.indianrailways.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

कुल पद और विवरण:

ग्रुप-D के तहत 14 अलग-अलग पद हैं, जिनमें सफाई, तकनीकी सहायक, सहायक कर्मचारी और अन्य विभाग शामिल हैं। कुल रिक्तियां 22,195 हैं।

रेलवे भर्ती बोर्ड की यह पहल युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जिन्होंने 10वीं पास या ITI किया है और स्थिर सरकारी नौकरी की तलाश में हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन की अंतिम तिथि से पहले पूरी जानकारी और दस्तावेज तैयार करके आवेदन करना चाहिए।

अब डॉलर नहीं चलेगा? BRICS के 11 देशों से हिला अमेरिका

नई दिल्ली। दुनिया की आर्थिक राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी दिख रही है। साल के अंत में भारत में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन सिर्फ एक कूटनीतिक बैठक नहीं होगा, बल्कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था के लिए एक संभावित टर्निंग पॉइंट बन सकता है। इस सम्मेलन के केंद्र में है BRICS डिजिटल पेमेंट सिस्टम, जो अमेरिका के डॉलर-आधारित वर्चस्व को बिना शोर किए चुनौती देने की क्षमता रखता है।

भारत की अगुवाई में नया फाइनेंशियल रोडमैप

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत इस बार BRICS मंच पर इंटरऑपरेबल सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) मॉडल पेश करने की तैयारी में है। इसका मकसद किसी साझा BRICS करेंसी को लॉन्च करना नहीं, बल्कि सदस्य देशों की अपनी-अपनी डिजिटल मुद्राओं को एक ऐसे नेटवर्क से जोड़ना है, जहां आपसी व्यापार सीधे नेशनल करेंसी में सेटल हो सके। यानी भारत का डिजिटल रुपया, चीन का डिजिटल युआन, रूस का डिजिटल रूबल और अन्य देशों की CBDC सभी एक साझा तकनीकी ढांचे में जुड़े, लेकिन अपनी संप्रभुता पूरी तरह बनाए रखें।

BRICS करेंसी नहीं, पेमेंट सिस्टम है असली गेम

BRICS को लेकर लंबे समय से यह भ्रम फैलाया जाता रहा है कि यह समूह डॉलर के मुकाबले एक नई साझा करेंसी बनाना चाहता है। भारत ने इस सोच पर शुरुआत से ही ब्रेक लगाया। नई रणनीति में साफ संदेश है करेंसी नहीं बदलेगी, सिस्टम बदलेगा। यह मॉडल पश्चिम को यह संकेत देता है कि BRICS किसी एक देश की आर्थिक धुरी नहीं बनना चाहता, बल्कि एक न्यूट्रल और मल्टी-पोलर फाइनेंशियल सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।

SWIFT से दूरी, लेकिन टकराव नहीं

आज वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा अमेरिकी प्रभाव वाले SWIFT पेमेंट सिस्टम के जरिए होता है। समस्या यह है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश इसे राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करते रहे हैं। रूस को SWIFT से बाहर करना और उसके अरबों डॉलर फ्रीज करना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

BRICS डिजिटल पेमेंट नेटवर्क इस निर्भरता को धीरे-धीरे कम करेगा। फायदे साफ हैं: तेज ट्रांजैक्शन सेटलमेंट, कम लागत, प्रतिबंधों का जोखिम घटेगा, व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी। यह सिस्टम सीधे टकराव के बजाय एक पैरलल बैक-अप सिस्टम की तरह काम करेगा, जिससे किसी भी संकट में व्यापार ठप न हो।

क्या डॉलर का डर सच में खत्म होगा?

पूरा सिस्टम रातों-रात लागू नहीं होगा। अधिकतर CBDC अभी पायलट स्टेज में हैं। कानूनी ढांचे, साइबर सिक्योरिटी और टेक्निकल स्टैंडर्ड अलग-अलग हैं। इसलिए शुरुआत द्विपक्षीय समझौतों से होगी, फिर धीरे-धीरे मल्टी-कंट्री नेटवर्क बनेगा। लेकिन एक बात तय है की अब डॉलर और प्रतिबंधों का डर पहले जैसा नहीं रहेगा।

बिहार में शिक्षकों के इंक्रीमेंट पर मुहर, गुरुजी की बल्ले-बल्ले

न्यूज डेस्क। बिहार में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक अहम अड़चन आखिरकार दूर होती नजर आ रही है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से चयनित हजारों शिक्षकों के लंबे समय से लंबित इंक्रीमेंट पर सरकार ने अब औपचारिक मुहर लगा दी है।

वर्षों से अटका था मामला

शिक्षकों के लिए इंक्रीमेंट सिर्फ वेतन का सवाल नहीं, बल्कि सम्मान और मनोबल से भी जुड़ा विषय होता है। भागलपुर में चयनित शिक्षक पिछले कई महीनों से वेतनवृद्धि के इंतजार में थे। हर महीने तीन से चार हजार रुपये तक का नुकसान झेल रहे इन शिक्षकों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा था। अब जब प्रक्रिया शुरू हुई है, तो स्कूलों से लेकर दफ्तरों तक राहत का माहौल है।

युद्ध स्तर पर चल रहा काम

विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिला शिक्षा विभाग और जिला स्थापना शाखा को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चार दिनों के भीतर सभी लंबित इंक्रीमेंट को अपडेट किया जाए। इसी कारण इसे “युद्ध स्तर” पर पूरा किया जा रहा है। इंक्रीमेंट को सीधे वेतन भुगतान प्रणाली से जोड़ दिया गया है, जिससे फाइलों की गति तेज हुई है।

भागलपुर जिला था सबसे पीछे

गौर करने वाली बात यह है कि बिहार के 37 जिलों में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी, जबकि भागलपुर जिला सबसे पीछे रह गया था। इसी वजह से यहां शिक्षकों की नाराजगी भी ज्यादा थी। अब जब फाइलें आगे बढ़ी हैं, तो यह माना जा रहा है कि जल्द ही भागलपुर भी इस सूची से बाहर हो जाएगा।

तकनीकी चुनौतियां, लेकिन इरादे मजबूत

हालांकि एचआरएमएस पोर्टल पर एक-एक शिक्षक का इंक्रीमेंट अपडेट करना आसान काम नहीं है। सर्वर की धीमी गति और तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इस बार किसी भी कीमत पर काम अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा। अब तक जिले के आठ प्रखंडों में करीब 40 प्रतिशत शिक्षकों का इंक्रीमेंट अपडेट हो चुका है और उनके वेतन बिल ट्रेजरी को भेजे जा चुके हैं।

यह फैसला केवल वेतनवृद्धि तक सीमित नहीं है। यह सरकार और शिक्षकों के बीच भरोसे को फिर से मजबूत करने की कोशिश भी है। शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को समय पर उनका हक मिलना व्यवस्था की विश्वसनीयता तय करता है।

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक में 162 पदों पर भर्ती, 3 फरवरी तक आवेदन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शानदार मौका सामने आया है। नाबार्ड ने विकास सहायक (Development Assistant) और विकास सहायक (हिंदी) पदों पर कुल 162 रिक्तियों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इच्छुक उम्मीदवार नाबार्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.nabard.org के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 17 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 3 फरवरी 2026 तक चलेगी।

पदों का विवरण

इस भर्ती के तहत कुल 162 पद भरे जाएंगे, जिनमें

विकास सहायक: 159 पद

विकास सहायक (हिंदी): 3 पद

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। साथ ही उम्मीदवार को कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए। विकास सहायक (हिंदी) पद के लिए हिंदी भाषा से संबंधित अतिरिक्त योग्यता की आवश्यकता होगी।

आयु सीमा

उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को 20,700 रुपये से 55,700 रुपये के वेतनमान में नियुक्त किया जाएगा। सभी भत्तों को मिलाकर शुरुआती कुल मासिक वेतन लगभग 46,500 रुपये तक हो सकता है, जो इसे एक आकर्षक सरकारी नौकरी बनाता है।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार नाबार्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 3 फरवरी 2026 है, इसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

फरवरी में शुक्र का उदय: इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे सौभाग्य के द्वार

राशिफल। फरवरी का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दौरान प्रेम, सौंदर्य, विलास और धन के कारक ग्रह शुक्र का उदय होने जा रहा है। शुक्र का उदय कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, आर्थिक मजबूती और रिश्तों में मधुरता लेकर आएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्र का यह प्रभाव विशेष रूप से पांच राशियों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है। 

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्वामी स्वयं शुक्र हैं, इसलिए इसका उदय इस राशि के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। फरवरी में वृषभ राशि के जातकों को धन लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में तेजी आएगी और नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में स्थिरता आएगी और वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। निवेश के लिए भी यह समय अनुकूल है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र का उदय करियर और सामाजिक जीवन में चमक लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा को पहचान मिलेगी और वरिष्ठ अधिकारी आपसे प्रभावित होंगे। मीडिया, कला, लेखन और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा और रुके हुए रिश्ते आगे बढ़ सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए फरवरी का महीना आर्थिक सुधार और मान-सम्मान में वृद्धि का संकेत दे रहा है। शुक्र के प्रभाव से आपकी आकर्षण शक्ति बढ़ेगी, जिससे आप लोगों को आसानी से प्रभावित कर पाएंगे। दांपत्य जीवन में चल रही परेशानियां दूर होंगी और परिवार में खुशियों का माहौल बनेगा। किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की भी संभावना है।

4. तुला राशि

तुला राशि के स्वामी भी शुक्र ही हैं, इसलिए इसका उदय इस राशि के लिए सौभाग्य का द्वार खोल सकता है। फरवरी में तुला राशि के जातकों को प्रेम, विवाह और साझेदारी से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। अविवाहित लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। बिजनेस पार्टनरशिप में लाभ होगा और रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन रहे हैं।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र का उदय भाग्य में वृद्धि लेकर आएगा। इस दौरान आपकी रचनात्मकता चरम पर रहेगी और कला, संगीत या आध्यात्म से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विदेश से जुड़े कामों में सफलता मिल सकती है। प्रेम संबंधों में भावनात्मक गहराई बढ़ेगी और रिश्ते मजबूत होंगे।

बैंक ऑफ बड़ौदा में 23 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

नई दिल्ली। देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने वर्ष 2026 के लिए आईटी क्षेत्र में भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के अंतर्गत सहायक उपाध्यक्ष (Assistant Vice President) और उप प्रबंधक (Deputy Manager) जैसे महत्वपूर्ण पदों सहित कुल 23 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 30 जनवरी 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

भर्ती का संक्षिप्त विवरण

पद का नाम: विभिन्न आईटी पद

कुल पद: 23

विज्ञापन संख्या: BOB/HRM/REC/ADVT/2026/03

कार्य क्षेत्र: सूचना प्रौद्योगिकी (IT)

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निम्न में से कोई एक पूर्णकालिक डिग्री होना अनिवार्य है: बीई / बी.टेक, एमई / एम.टेक, एमसीए, डिग्री कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार जैसे विषयों में होनी चाहिए।

आयु सीमा

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु: 25 वर्ष, अधिकतम आयु: 40 वर्ष, (आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट मिल सकती है।)

वेतनमान

इन पदों के लिए वेतन तय नहीं है। उम्मीदवार की योग्यता, कार्य अनुभव, वर्तमान वेतन और बाजार मानकों को ध्यान में रखते हुए पारिश्रमिक निर्धारित किया जाएगा। यह भर्ती अनुभवी आईटी प्रोफेशनल्स के लिए एक आकर्षक अवसर मानी जा रही है।

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवार बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ लें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।

वेबसाइट: www.bankofbaroda.in

आवेदन की तिथि

आवेदन शुरू: 30 जनवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 19 फरवरी 2026

रेलवे में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर बड़ी खबर, जानें डिटेल

न्यूज डेस्क। रेलवे में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर अब बड़ा और स्पष्ट फैसला सामने आया है। रेलवे बोर्ड ने एक अहम सर्कुलर जारी करते हुए यह साफ कर दिया है कि मृतक रेलकर्मी की दूसरी पत्नी से जन्मे बच्चों द्वारा 11 दिसंबर 2018 के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए दिए गए सभी आवेदन योग्यता के आधार पर विचार योग्य होंगे। 

बता दें की ऐसे आवेदनों को अब केवल तारीख या तकनीकी कारणों से खारिज नहीं किया जा सकेगा। रेलवे बोर्ड का यह निर्देश देश के सभी जोनल रेलवे पर समान रूप से लागू होगा। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिनके आवेदन पहले नियमों की गलत व्याख्या के कारण अटक रहे थे।

क्या है रेलवे बोर्ड का नया स्पष्टीकरण?

रेलवे बोर्ड ने आरबीई संख्या 08/2026 के तहत यह स्पष्ट किया है कि पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों को गलत तरीके से समझा और लागू किया जा रहा था। इसी वजह से कई मामलों में अनावश्यक कानूनी विवाद पैदा हुए और रेलवे को प्रतिकूल न्यायिक फैसलों का सामना करना पड़ा। बोर्ड ने अपने पत्र में यह भी स्वीकार किया है कि नियमों की गलत व्याख्या से पात्र आवेदकों को नुकसान हो रहा था, जिसे अब दूर करने की कोशिश की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला

रेलवे बोर्ड ने अपने सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले ‘वी.आर. त्रिपाठी बनाम भारत संघ’ का उल्लेख किया है। इस फैसले के आधार पर यह व्यवस्था 11 दिसंबर 2018 से प्रभावी मानी गई है। इसी निर्णय के तहत दूसरी पत्नी से जन्मे बच्चों को अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में लाने का प्रावधान किया गया था, जिसे अब स्पष्ट रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

देरी से आए आवेदनों पर भी विचार

रेलवे बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि किसी आवेदन में देरी हुई है, तो उसे केवल इसी आधार पर खारिज नहीं किया जाना चाहिए। सक्षम प्राधिकारी को प्रत्येक मामले का गुण-दोष के आधार पर परीक्षण करना होगा। तकनीकी खामियों या तारीखों के आधार पर आवेदनों को अस्वीकार करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्देश उन परिवारों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जो लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।

सभी जोनल रेलवे को सख्त निर्देश

रेलवे बोर्ड ने देशभर के सभी संबंधित रेलवे प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे लंबित मामलों की दोबारा समीक्षा करें, नए आवेदनों में भी इस स्पष्टीकरण का पालन करें, पात्र उम्मीदवारों को न्याय सुनिश्चित करें।

कल सूर्य का तेज प्रभाव: 5 राशियों के चमकेंगे सितारे

राशिफल। कल का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। सूर्य देव की स्थिति और उनका तेज कई राशियों पर सकारात्मक प्रभाव डालने जा रहा है। सूर्य को आत्मबल, सम्मान, नेतृत्व और ऊर्जा का कारक माना जाता है। जब सूर्य मजबूत होते हैं, तो व्यक्ति के आत्मविश्वास, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।

मेष राशि

मेष राशि के लिए सूर्य का तेज अत्यंत शुभ साबित होगा। कल आपको कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी और आप अपने फैसलों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट रहेंगे। सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य हैं, इसलिए यह प्रभाव आपके लिए सबसे अधिक शक्तिशाली रहेगा। कल का दिन करियर और प्रतिष्ठा के लिहाज से शानदार हो सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारियां मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन वापस मिल सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव कार्यक्षेत्र में नई दिशा लेकर आएगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापारियों के लिए नए सौदे फायदेमंद रहेंगे। मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य का तेज आत्मबल और साहस बढ़ाने वाला रहेगा। कल आप किसी बड़े निर्णय को लेने में सफल हो सकते हैं। पारिवारिक मामलों में आपकी बात को महत्व मिलेगा। समाज में आपकी छवि और मजबूत होगी।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव आर्थिक और करियर दोनों ही मामलों में शुभ रहेगा। नौकरी में बदलाव या तरक्की के योग बन सकते हैं। व्यापार में लाभ के संकेत हैं और निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। पिता या किसी वरिष्ठ व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा।

भारतीय खेल प्राधिकरण में 323 पदों पर भर्ती, 1 से आवेदन शुरू

नई दिल्ली। खेल के क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर तलाश रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने सहायक कोच के 323 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार अब 1 फरवरी 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 15 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।

भर्ती की मुख्य जानकारी

पद का नाम: सहायक कोच

पदों की संख्या: 323

वेतन: ₹35,400 से ₹1,12,400 प्रति माह

योग्यता:

SAI, NS-NIS, पटियाला या किसी अन्य मान्यता प्राप्त भारतीय/विदेशी विश्वविद्यालय से कोचिंग में डिप्लोमा या समकक्ष, ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल या विश्व चैंपियनशिप में भागीदारी वाले उम्मीदवारों के लिए कोचिंग में प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम मान्य, द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्तकर्ता भी पात्र।

आयु सीमा: 30 वर्ष

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवारों को SAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसमें व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और खेल उपलब्धियों का विवरण भरना आवश्यक है। साथ ही उम्मीदवारों को आवश्यक दस्तावेज़ जैसे पहचान पत्र, डिप्लोमा प्रमाण पत्र और खेल में उपलब्धियों के प्रमाण अपलोड करने होंगे। चयन प्रक्रिया में योग्यता, खेल अनुभव और कोचिंग कौशल को प्राथमिकता दी जाएगी।

अवसरों का महत्व

इस भर्ती के माध्यम से भारतीय खेल प्राधिकरण न केवल योग्य प्रशिक्षकों को अपने संस्थानों में नियुक्त करेगा, बल्कि युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल विकास को भी बढ़ावा देगा। सहायक कोच बनने पर उम्मीदवारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल कार्यक्रमों में काम करने का मौका मिलेगा।

आधिकारिक वेबसाइट: sportsauthorityofindia.nic.in

युवाओं के लिए खुशखबरी, बिना ब्याज 10 लाख तक लोन

जयपुर। आज के समय में नौकरी की बजाय खुद का काम या बिजनेस शुरू करना युवाओं के लिए प्राथमिक विकल्प बन गया है। हालांकि पास अच्छे बिजनेस आइडिया होते हैं, लेकिन फंड की कमी अक्सर एक बड़ी बाधा बन जाती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना शुरू की है। इस योजना के तहत प्रदेश के युवा 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज बिजनेस लोन ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना क्या है?

11 जनवरी, 2026 को शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। योजना का संचालन उद्योग और वाणिज्य विभाग द्वारा किया जाएगा और यह योजना 31 मार्च, 2029 तक जारी रहेगी। योजना के तहत लोन लेने वाले युवा मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और अन्य कई सेक्टर्स में नया बिजनेस शुरू कर सकते हैं या अपने मौजूदा बिजनेस को बढ़ा सकते हैं।

कौन आवेदन कर सकता है?

आवेदन के लिए आवेदक की उम्र सीमा 18 से 45 साल, पहली बार लोन लेने पर ब्याज सब्सिडी मिलेगी। संस्थागत आवेदक (जैसे HUF, सोसायटी, LLP, कंपनी या स्वयं सहायता समूह) भी पात्र हैं, बशर्ते संस्थान का 51% हिस्सा युवा आवेदकों के पास हो।

लोन किन बैंकों से मिलेगा?

इस योजना के तहत लोन राष्ट्रीय वाणिज्यिक बैंक, प्राइवेट बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राजस्थान वित्त निगम, सिडबी, अर्बन और सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के माध्यम से दिया जाएगा।

लोन की शर्तें और वापसी

अधिकतम लोन अवधि: 5 साल

ब्याज में सब्सिडी: अधिकतम 3 साल

Moratorium Period: 6 महीने

लोन की राशि मार्जिन मनी के रूप में शॉर्ट टर्म डिपॉजिट में रखी जाएगी। यदि आवेदक 2 साल तक बिजनेस चला देता है और EMI समय पर चुकाता है, तो यह राशि सीधे उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। यदि बिजनेस 2 साल से पहले बंद होता है, तो राशि राज्य सरकार के खाते में वापस चली जाएगी।

जरूरी दस्तावेज

राजस्थान का डोमिसाइल सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षिक और वोकेशनल सर्टिफिकेट, कंपनी/संस्थान के मालिकाना हक के दस्तावेज, बिजनेस प्रोजेक्ट रिपोर्ट। 

आवेदन प्रक्रिया

सबसे पहले sso.rajasthan.gov.in पर जाकर SSO ID बनाएं। Citizen/Udhyog विकल्प चुनें और जन आधार नंबर या Gmail ID से रजिस्ट्रेशन पूरा करें। SSO ID से लॉगिन करके मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार (MYSY) विकल्प चुनें। फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, उद्योग का प्रकार और लोकेशन भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके सबमिट करें। सबमिट करने के बाद आपको रिसीप्ट नंबर मिलेगा, जिससे आप अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।

भारत अब इस देश से करेगा 'FTA', ट्रंप को फिर लगेगी मिर्ची!

नई दिल्ली। भारत ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मोर्चे पर एक और रणनीतिक दांव चल दिया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के ताजा बयान से यह साफ हो गया है कि भारत और चिली के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब अंतिम चरण में है। यह समझौता केवल आयात-निर्यात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत की भविष्य की औद्योगिक और ग्रीन एनर्जी जरूरतों से सीधे जुड़ा माना जा रहा है।

पीयूष गोयल का साफ संदेश

ग्रेटर नोएडा में आयोजित ICAI के एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने संकेत दिया कि भारत अब तेजी से विकसित और संसाधन-समृद्ध देशों के साथ व्यापारिक साझेदारी को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि चिली के साथ प्रस्तावित FTA भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इससे महत्वपूर्ण खनिजों की स्थायी आपूर्ति का रास्ता खुलेगा।

क्यों खास है चिली?

चिली दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहां लिथियम, तांबा, कोबाल्ट, मोलिब्डेनम और रेनियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों का विशाल भंडार मौजूद है। ये खनिज आज की अर्थव्यवस्था के सबसे संवेदनशील सेक्टर इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, बैटरी निर्माण, सोलर एनर्जी और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स की रीढ़ माने जाते हैं। भारत जिस तरह से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, उसमें इन खनिजों की उपलब्धता रणनीतिक सुरक्षा का सवाल बन चुकी है।

PTA से CEPA तक का सफर

भारत और चिली के बीच व्यापारिक संबंध नए नहीं हैं। वर्ष 2006 से दोनों देशों के बीच प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (PTA) लागू है। अब इसे अपग्रेड कर कंप्रीहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) में बदला जा रहा है। नई डील में सिर्फ वस्तुओं का व्यापार ही नहीं, बल्कि डिजिटल सेवाएं, निवेश, MSME सहयोग, सप्लाई चेन और महत्वपूर्ण खनिज जैसे उभरते सेक्टर भी शामिल किए जाएंगे।

आंकड़े बता रहे हैं असली कहानी

व्यापार आंकड़े भारत की बदलती जरूरतों को साफ दिखाते हैं। वर्ष 2024-25 में जहां भारत का चिली को निर्यात मामूली गिरावट के साथ लगभग 1.15 अरब डॉलर रहा, वहीं चिली से आयात में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। आयात करीब 72 प्रतिशत बढ़कर 2.60 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह साफ संकेत है कि भारत की खनिज और कच्चे माल पर निर्भरता तेजी से बढ़ रही है।

ट्रंप की टैरिफ नीति के उलट भारत की राह

जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ बढ़ाकर वैश्विक व्यापार को संकुचित करने की नीति अपना रहे हैं, तब भारत बिल्कुल उलटी दिशा में चल रहा है। भारत पिछले कुछ वर्षों में मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, UAE, न्यूजीलैंड, ओमान, EFTA देशों, ब्रिटेन और हाल ही में यूरोपीय यूनियन के साथ व्यापार समझौते कर चुका है।

एक्जिम बैंक में 40 पदों पर भर्ती, 1 फरवरी तक करें आवेदन

नई दिल्ली। निर्यात–आयात क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए शानदार अवसर सामने आया है। भारत के प्रमुख वित्तीय संस्थान एक्सपोर्ट–इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया (Exim Bank) ने वर्ष 2026 के लिए प्रबंधन प्रशिक्षु (मैनेजमेंट ट्रेनी) पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत कुल 40 पदों पर योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

17 जनवरी से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया

एक्जिम बैंक की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 17 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 1 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जिसके लिए उम्मीदवारों को बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

यह भर्ती प्रबंधन प्रशिक्षु (बैंकिंग संचालन) पद के लिए की जा रही है। चयनित उम्मीदवारों को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद उन्हें स्थायी नियुक्ति दी जाएगी।

योग्यता और आयु सीमा

किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक होना अनिवार्य है। इसके साथ ही वित्त, अंतरराष्ट्रीय व्यापार या विदेशी व्यापार में स्नातकोत्तर डिग्री (एमबीए/पीजीडीबीए/पीजीडीबीएम/एमएमएस) या चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए)। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी।

वेतन और सुविधाएं

चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹65,000 प्रति माह का आकर्षक वेतन दिया जाएगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद स्थायी नियुक्ति पर वेतनमान ₹48,480 से ₹85,920 प्रति माह तक होगा। इसके अलावा बैंक की ओर से अन्य भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

आवेदन कैसे करें?

उम्मीदवार एक्जिम बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती से संबंधित लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले विस्तृत अधिसूचना को ध्यान से पढ़ना जरूरी है, ताकि पात्रता और चयन प्रक्रिया से जुड़ी सभी शर्तें स्पष्ट रहें।

दिमाग के लिए ये 5 फल हैं जादुई – रोज खाएं और फर्क देखें

हेल्थ डेस्क। आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में मानसिक फिटनेस उतनी ही जरूरी हो गई है जितनी शारीरिक स्वास्थ्य। काम में फोकस बढ़ाने, याददाश्त तेज करने और मानसिक थकान कम करने के लिए सही आहार का बड़ा योगदान होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ खास फल ऐसे हैं जो दिमाग की शक्ति बढ़ाने में मदद करते हैं।

1. ब्लूबेरी:

ब्लूबेरी में एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है। यह मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है और याददाश्त सुधारने में मदद करता है। रोज़ाना कुछ ब्लूबेरी खाने से दिमाग तेज और फोकस बेहतर रहता है।

2. सेब:

‘एक सेब रोज़ डॉक्टर को दूर रखता है’ यह कहावत दिमाग के लिए भी सच है। सेब में फ्लैवोनॉइड्स होते हैं जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को मजबूत बनाए रखते हैं और संज्ञानात्मक क्षमता को बढ़ाते हैं।

3. केला:

केले में पोटैशियम और विटामिन B6 होता है, जो न्यूरॉन्स के बीच संदेश पहुंचाने में मदद करता है। इससे तनाव कम होता है और मानसिक ऊर्जा बढ़ती है।

4. अंगूर:

अंगूर में रेस्वेराट्रोल जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो दिमाग की रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखते हैं और याददाश्त में सुधार करते हैं। यह खासकर बुढ़ापे में दिमाग को तेज रखने के लिए मददगार है।

5. संतरा:

संतरे में भरपूर मात्रा में विटामिन C होता है, जो मस्तिष्क को सूजन से बचाता है और मानसिक थकान कम करता है। रोज़ एक संतरा खाने से आपकी मानसिक सतर्कता बढ़ती है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 2273 पदों पर भर्ती शुरू, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वर्ष 2026 की बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसबीआई ने सर्किल बेस्ड ऑफिसर (CBO) के कुल 2273 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के तहत 2050 पद नियमित और 223 पद बैकलॉग श्रेणी के लिए निर्धारित किए गए हैं।

29 जनवरी से शुरू हुए आवेदन

एसबीआई की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जिसके लिए अभ्यर्थियों को एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक होना अनिवार्य है। आयु सीमा की बात करें तो अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

आकर्षक वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को सर्किल बेस्ड ऑफिसर के पद पर 48,480 रुपये से लेकर 85,920 रुपये प्रति माह तक का वेतन मिलेगा। इसके अलावा बैंक की ओर से मिलने वाले अन्य भत्ते और सुविधाएं भी इस पद को काफी आकर्षक बनाती हैं।

आवेदन कैसे करें?

उम्मीदवार एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट के करियर सेक्शन में जाकर “Current Openings” के अंतर्गत CBO भर्ती 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी जाती है।

बिहार सरकार ने दी खुशखबरी, इस जिले में बनेगा संगीत महाविद्यालय

बक्सर। बिहार सरकार ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और संगीत शिक्षा को नई दिशा देने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बक्सर जिले के डुमरांव में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के नाम से संगीत महाविद्यालय के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सरकार ने करीब 88 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

वर्षों पुरानी घोषणा अब होगी साकार

डुमरांव, जो कि भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां की जन्मस्थली है, वहां संगीत महाविद्यालय की स्थापना की मांग लंबे समय से उठती रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पहले के कार्यकाल में ही इस सांस्कृतिक संस्थान की परिकल्पना की थी। इसके बाद भूमि चयन और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन बजट और परियोजना ढांचे को लेकर मामला वर्षों तक लंबित रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों की निरंतर मांग के बाद अब यह सपना धरातल पर उतरने की ओर बढ़ता दिख रहा है।

शाहाबाद क्षेत्र के युवाओं के लिए अवसर

प्रस्तावित संगीत महाविद्यालय आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ अन्य संगीत विधाओं की शिक्षा भी दी जाएगी। इससे बक्सर जिले के साथ-साथ पूरे शाहाबाद प्रमंडल के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण संगीत शिक्षा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी।

रोजगार और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

आपको बता दें की इस महाविद्यालय के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही यह संस्थान बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक होगा।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्षों से चला आ रहा एक बड़ा प्रशासनिक विवाद अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। विकास प्राधिकरण और जिला पंचायतों के बीच भवन मानचित्र स्वीकृति को लेकर बनी असमंजस की स्थिति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने दोनों विभागों की प्रस्तुति सुनने के बाद स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानचित्र स्वीकृत करने की व्यवस्था को पूरी तरह साफ और विवादमुक्त बनाया जाए।

क्यों था विवाद?

विकास प्राधिकरण अधिनियम के अनुसार नगरीय निकायों की सीमा के बाहर स्थित विकास क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए संबंधित विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराना अनिवार्य है। लेकिन व्यवहार में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए, जहां जिला पंचायत स्तर से मानचित्र स्वीकृत कर दिए गए। बाद में जब विकास प्राधिकरण ने इन्हें अवैध बताते हुए कार्रवाई शुरू की, तो आम नागरिक, आवंटी और बिल्डर विवाद में फंस गए।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश

इस मुद्दे पर आवास एवं शहरी नियोजन विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद साफ कहा कि अब ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें दोहरे अधिकार और भ्रम की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर कानून में संशोधन करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।

पुराने निर्माणों को मिल सकती है राहत

बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि पहले से हो चुके निर्माण, जो तत्कालीन नियमों या प्रचलित प्रक्रिया के तहत किए गए हैं, उन्हें बेवजह परेशान न किया जाए। यदि निर्माण निर्धारित बायलॉज के अनुरूप हैं, तो उन्हें संरक्षित रखने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम लोगों को आर्थिक और कानूनी नुकसान न हो।

छोटे शहरों के सुनियोजित विकास पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केवल विवाद समाधान तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि प्रदेश के सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जाएं। इसके लिए संबंधित कानूनों में आवश्यक संशोधन करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इस फैसले से आम नागरिकों को क्या फायदा?

इस फैसले से सबसे बड़ा फायदा आम नागरिकों को होगा। अब नक्शा पास कराने के लिए उन्हें अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भविष्य में उनके मकान या दुकान को अवैध बताकर कार्रवाई का खतरा भी कम होगा। साथ ही, स्पष्ट नियमों से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक टकराव पर भी अंकुश लगेगा।

अखरोट सेहत के लिए वरदान, ये 6 फायदे जरूर जानें!

हेल्थ डेस्क। खाने में छोटे लेकिन गुणों से भरे अखरोट को अक्सर “सुपरफूड” कहा जाता है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के कई बड़े फायदे भी प्रदान करता है। आइए जानते हैं अखरोट खाने के 6 प्रमुख लाभ, जो हर उम्र के व्यक्ति के लिए जरूरी हैं।

1. दिमाग की क्षमता बढ़ाए

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो दिमाग की कार्यक्षमता और याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। रोजाना अखरोट खाने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और मानसिक सतर्कता बेहतर होती है।

2. हृदय की सेहत बनाए

अखरोट में एंटीऑक्सिडेंट और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल कम करने और दिल की धड़कन को नियमित रखने में मदद करते हैं। यह हृदय रोग के खतरे को भी घटाने में सहायक है।

3. वजन नियंत्रित करने में मददगार

हालांकि अखरोट कैलोरी में थोड़े उच्च हैं, लेकिन इनमें फाइबर और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो भूख को नियंत्रित रखते हैं। इससे अनावश्यक खाने की इच्छा कम होती है और वजन संतुलित रहता है।

4. इम्यूनिटी मजबूत करे

अखरोट में विटामिन ई और एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं। इससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

5. हड्डियों और जोड़ो के लिए लाभकारी

अखरोट में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये हड्डियों को मजबूत रखते हैं और जोड़ो में होने वाले दर्द और कमजोरी को कम करते हैं।

6. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

अखरोट में मौजूद विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड त्वचा को नमी और चमक प्रदान करते हैं और बालों की जड़ें मजबूत बनाते हैं। नियमित सेवन से त्वचा और बाल स्वस्थ रहते हैं।

अमेरिका Vs ईरान: अगर जंग हुई तो कितनी देर टिक पाएगा ईरान?

न्यूज डेस्क। मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके हैं। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की आशंका लगातार बढ़ रही है। ईरान की सीमा के पास अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य संघर्ष होता है, तो ईरान अमेरिका जैसी महाशक्ति के सामने कितनी देर टिक पाएगा?

सैन्य ताकत में जमीन-आसमान का अंतर

अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति है। इसका वार्षिक रक्षा बजट 895 बिलियन डॉलर है, जो इसके GDP का लगभग 3.4% है। इसके विपरीत, ईरान केवल 15.5 बिलियन डॉलर खर्च करता है, जो GDP का 2.1% है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के पास अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार, पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स और बड़े परमाणु भंडार हैं, जबकि ईरान पुराने हथियारों और विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भर है।

सक्रिय और रिजर्व जवान

अमेरिका: 1,358,500 सक्रिय सैनिक, 799,500 रिजर्व

ईरान: 587,000 सक्रिय सैनिक, 200,000 रिजर्व

संख्या में अमेरिका ईरान से लगभग दोगुना है, जो किसी भी सीधे मुकाबले में बड़ी बढ़त देती है। साथ ही अमेरिका के पास नाटो जैसे संगठन भी मौजूद हैं।

हवाई शक्ति

अमेरिका: 13,175 विमान, 3,318 लड़ाकू जेट, 6,417 हेलीकॉप्टर

ईरान: 551 विमान, 407 लड़ाकू जेट, 339 हेलीकॉप्टर

अमेरिका के पास एफ-35, एफ-22 जैसी स्टील्थ टेक्नोलॉजी वाले विमान हैं, जबकि ईरान के पास ऐसी क्षमता नहीं। यह हवाई मुकाबले में अमेरिका को स्पष्ट बढ़त देता है।

नौसैनिक शक्ति

अमेरिका: 81 विध्वंसक, 11 एयरक्राफ्ट कैरियर, 440 विमानों का बेड़ा

ईरान: कोई एयरक्राफ्ट कैरियर और विध्वंसक नहीं, 107 नौसैनिक विमानों का बेड़ा

नौसैनिक मुकाबले में अमेरिका की ताकत अत्यधिक घातक है, जबकि ईरान की नौसैनिक क्षमता सीमित है। अमेरिका दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक से लैस नौसेना हैं, जो घातक मिसाइलों से लैस हैं।

टैंक और तोपखाना

अमेरिका: 4,640 टैंक, 391,963 बख्तरबंद वाहन, 3,161 तोपखाना, 705 रॉकेट

ईरान: 1,713 टैंक, 65,825 बख्तरबंद वाहन, 4,582 तोपखाना, 1,752 रॉकेट

हालांकि अमेरिका की संख्या ज्यादा है, ईरान की टोएड आर्टिलरी और मोबाइल रॉकेट प्रोजेक्टर में कुछ बढ़त है, जो क्षेत्रीय युद्ध में रणनीतिक लाभ दे सकती है।

'लव हार्मोन' ऑक्सिटोसिन: कपल्स के लिए 6 रोचक तथ्य

न्यूज डेस्क। जब हम प्यार की बात करते हैं, तो दिमाग में केवल भावनाएं आती हैं, लेकिन इसके पीछे एक केमिकल सुपरस्टार होता है, ऑक्सिटोसिन, जिसे आमतौर पर 'लव हार्मोन' कहा जाता है। यह हार्मोन न केवल प्यार को गहरा बनाता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। आइए जानें इसके 6 रोचक तथ्य जो हर कपल को जानना चाहिए।

1. प्यार और विश्वास बढ़ाता है

ऑक्सिटोसिन हमारे मस्तिष्क में विश्वास और जुड़ाव की भावना को बढ़ाता है। जब आप अपने साथी के साथ समय बिताते हैं, हाथ पकड़ते हैं या गले लगते हैं, तो यह हार्मोन रिलीज़ होता है और रिश्ते में भरोसा और अंतरंगता बढ़ाता है।

2. तनाव कम करने में मददगार

ऑक्सिटोसिन स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को कम करता है। इसका मतलब है कि प्यार भरे पल आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं। रिसर्च के अनुसार, जो लोग रोजाना अपने पार्टनर के साथ स्पर्श और प्यार साझा करते हैं, उनके तनाव स्तर में कमी देखी गई।

3. जन्म और बंधन का हार्मोन

ऑक्सिटोसिन का एक और प्रमुख रोल प्रसव और स्तनपान में है। यह महिला के शरीर को स्ट्रॉन्ग बंधन बनाने और बच्चे के साथ जुड़ाव बनाने में मदद करता है। यही वजह है कि नवजात और माता के बीच गहरा इमोशनल कनेक्शन बनता है।

4. खुशी और संतुष्टि में बढ़ोतरी

यह हार्मोन मूड को पॉजिटिव बनाता है। जब आप अपने साथी के साथ रोमांटिक पल बिताते हैं, तो मस्तिष्क में डोपामिन और ऑक्सिटोसिन एक साथ रिलीज़ होते हैं, जिससे खुशी और संतुष्टि की भावना बढ़ती है।

5. दर्द और बीमारी पर असर

ऑक्सिटोसिन न केवल खुशी बढ़ाता है, बल्कि शारीरिक दर्द को भी कम करने में मदद करता है। अध्ययन बताते हैं कि जो लोग अपने पार्टनर के साथ अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं, उनमें माइग्रेन, सिरदर्द और अन्य दर्द कम अनुभव होते हैं।

6. रिश्तों की लंबी उम्र में योगदान

जो कपल नियमित रूप से स्पर्श, प्यार और संवाद साझा करते हैं, उनके संबंधों में ऑक्सिटोसिन का स्तर अधिक रहता है। इसका असर रिश्ते की मजबूती और लंबी उम्र पर भी पड़ता है।

यूपी में ये नई नियमावली लागू, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में युवाओं के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। उप्र लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की भर्तियों में अब सीएम फेलो को आयु सीमा में अधिकतम तीन वर्ष तक की छूट और अतिरिक्त अंक देने का नियम लागू कर दिया गया है।

नियमावली को नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने शुक्रवार को जारी किया। यह कदम कैबिनेट की स्वीकृति के बाद उठाया गया और इसे “उप्र लोक सेवाओं (प्रतियोगी परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति के अनुसंधानविदों के लिए आयु सीमा एवं अतिरिक्त अंक का शिथिलीकरण) नियमावली-2026” नाम दिया गया है।

क्या है नई व्यवस्था?

सीएम फेलो के कार्यकाल के अनुसार छूट:

एक वर्ष कार्यकाल पूरा करने पर 1 वर्ष की आयु सीमा छूट

दो वर्ष कार्यकाल पूरा करने पर 2 वर्ष की आयु सीमा छूट

तीन वर्ष कार्यकाल पूरा करने पर 3 वर्ष की आयु सीमा छूट

कार्यकाल की गणना: विज्ञापन वर्ष के जुलाई के प्रथम दिवस से की जाएगी।

अतिरिक्त अंक: सीएम फेलो के अनुभव को मान्यता देते हुए चयन प्रक्रिया में अतिरिक्त अंक भी दिए जाएंगे।

पूर्व में छूट प्राप्त उम्मीदवार: जिन अभ्यर्थियों को पहले से आयु में छूट मिली है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।

युवाओं के लिए इसका मतलब

विशेषज्ञों के अनुसार यह नियम विशेष रूप से सीएम फेलोशिप करने वाले युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने वाला है। अब अनुसंधान या परियोजना अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को भर्तियों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। यह कदम युवाओं को शैक्षणिक और शोध अनुभव के आधार पर लाभ दिलाएगा। चयन प्रक्रिया में उनके अनुभव को अंक और आयु में सहूलियत के रूप में माना जाएगा। युवा अब बिना उम्र के दबाव के अपने अनुभव का पूरा लाभ उठा सकेंगे।

प्रशासन का क्या है बड़ा उद्देश्य?

सरकार का कहना है कि यह नियमावली योग्यता, अनुभव और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर देना और प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके अनुभव को मान्यता देना है।

यूपी में बिना परमिट ऑटो-कैब चलाने पर जुर्माना, नई दरें लागू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में टैक्सी, आटो और मालवाहक वाहनों के कर और परमिट नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। परिवहन विभाग ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत नई टैक्स दरें और छूट की घोषणा की।

नए नियमों के अनुसार, भाड़े या पारिश्रमिक पर चलने वाले सभी वाहनों पर कर वाहन के मूल्य, सीट क्षमता और भार के आधार पर तय किया जाएगा। इसके साथ ही बिना परमिट चलने वाले वाहनों पर सख्ती बढ़ा दी गई है और ऐसे मामलों में अब त्रैमासिक कर का पांच गुणा जुर्माना वसूला जाएगा।

पुराने वाहनों को बड़ी राहत

नए नियमों में पुराने वाहनों के लिए विशेष छूट भी दी गई है। एकमुश्त कर की गणना करते समय वाहन के पंजीकरण से पूर्व प्रत्येक वर्ष के लिए 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस छूट की अधिकतम सीमा 75 प्रतिशत तय की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम पुराने वाहनों के मालिकों को वित्तीय राहत देने के साथ-साथ नए नियमों के तहत वैध और सुरक्षित संचालन को बढ़ावा देगा।

मालवाहन और विशेष वाहन व्यवस्था

माल वाहनों के लिए कर की दरें सकल वाहन भार के आधार पर तय की गई हैं। 7500 किलोग्राम से अधिक वाले भारी वाहन और अन्य परिवहन यानों पर त्रैमासिक और वार्षिक कर लागू होगा। ट्रैक्टर और कृषि प्रयोजन वाले वाहनों पर लदान रहित भार के हिसाब से कर लगाया जाएगा। यदि कोई माल वाहन यात्रियों को भाड़े पर ले जाता है, तो प्रति यात्री 2200 रुपये अतिरिक्त कर वसूला जाएगा।

सार्वजनिक सेवा और वातानुकूलित वाहन

राज्य परिवहन उपक्रम के सार्वजनिक वाहनों पर चालक सीट को छोड़कर प्रति सीट कर लागू होगा। वातानुकूलित सार्वजनिक सेवा वाहनों पर सामान्य दर से 50 प्रतिशत अधिक कर लिया जाएगा। खड़े होकर यात्रा की अनुमति वाले वाहनों में स्वीकृत क्षमता का 50 प्रतिशत अतिरिक्त माना जाएगा। स्लीपिंग बर्थ वाले वाहनों में एक बर्थ को दो सीट के बराबर माना जाएगा।

नई टैक्स दरें (मुख्य)

तिपहिया मोटर कैब: 7% (एकमुश्त)

माल वाहन (3000 किग्रा तक): 3%

माल वाहन (3000–7500 किग्रा): 6%

पुराने वाहन: अधिकतम 75% छूट

निर्माण उपस्कर/विशेष प्रयोजन वाहन: 6%

दोपहिया टैक्सी: वाहन मूल्य का 12.5% (एकमुश्त)

मोटर/मैक्सी कैब: 10 लाख तक: 10.5%, 10 लाख से अधिक: 12.5%

उत्तर प्रदेश में बिना परमिट वाहन चलाने पर: त्रैमासिक कर का पांच गुणा

भारत की बढ़ी आर्थिक ताकत, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार

नई दिल्ली। आम बजट से ठीक पहले भारत के लिए आर्थिक मोर्चे पर एक बेहद सकारात्मक संकेत सामने आया है। वैश्विक अनिश्चितताओं और रुपये में उतार-चढ़ाव के बीच भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि न सिर्फ देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाती है, बल्कि दुनिया भर के निवेशकों के लिए भी भरोसे का संदेश है।

ऑल टाइम हाई पर विदेशी मुद्रा भंडार

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 23 जनवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8 अरब डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी के साथ 709 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले सितंबर 2024 में भंडार ने उच्चतम स्तर छुआ था, लेकिन बाद में रुपये को स्थिर रखने के लिए इसमें गिरावट देखने को मिली थी।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में मजबूती

विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA) होती हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस श्रेणी में भी बढ़त दर्ज की गई है। डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य प्रमुख मुद्राओं में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की परिसंपत्तियों का मूल्य मजबूत बना हुआ है। यह दर्शाता है कि भारत का रिजर्व पोर्टफोलियो संतुलित और विविध है।

सोने ने बढ़ाई रिजर्व की चमक

इस दौरान गोल्ड रिजर्व में भी उल्लेखनीय उछाल देखा गया। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में मजबूती का सीधा असर भारत के भंडार पर पड़ा, जिससे गोल्ड होल्डिंग का मूल्य तेजी से बढ़ा। सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसके बढ़ते मूल्य ने भारत के रिजर्व को और मजबूत बनाया है।

SDR और IMF में भी बढ़त

आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि विशेष आहरण अधिकार (SDR) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की आरक्षित स्थिति में भी इजाफा हुआ है। यह भारत की वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में मजबूत भागीदारी और भरोसे को दर्शाता है।

क्यों अहम है यह उपलब्धि?

विदेशी मुद्रा भंडार का रिकॉर्ड स्तर पर होना भारत को कई मोर्चों पर मजबूती देता है। इससे आयात भुगतान, विदेशी कर्ज दायित्व और मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने की क्षमता बढ़ती है। साथ ही, यह अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को यह भरोसा देता है कि भारत किसी भी वैश्विक आर्थिक झटके का सामना करने में सक्षम है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: DA पहुंच सकता है 60%

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए साल 2026 की शुरुआत राहत भरी होने वाली है। बजट से पहले ही महंगाई भत्ते (DA) को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। 31 जनवरी 2026 को जैसे ही लेबर ब्यूरो दिसंबर 2025 का AICPI-IW आंकड़ा जारी करेगा, वैसे ही जनवरी 2026 से लागू होने वाले DA की दर तय मानी जाएगी। मौजूदा संकेत बताते हैं कि महंगाई भत्ता सीधे 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

बजट से पहले तय हो जाएगा DA का गणित

आमतौर पर केंद्रीय कर्मचारियों को DA बढ़ोतरी की उम्मीद बजट के बाद रहती है, लेकिन इस बार खास बात यह है कि बजट भाषण से पहले ही DA का फाइनल आंकड़ा सामने आ जाएगा। नवंबर 2025 तक AICPI-IW के आधार पर DA 59.94 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। दिसंबर के आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी भी इसे 60 प्रतिशत के स्तर पर ले जाने के लिए काफी मानी जा रही है।

AICPI-IW क्यों है इतना अहम?

AICPI-IW यानी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) देश में महंगाई की स्थिति को दर्शाता है। इसमें रोजमर्रा की जरूरतों जैसे भोजन, कपड़े, ईंधन और आवास की कीमतों का आकलन किया जाता है। केंद्र सरकार इसी सूचकांक के आधार पर हर छह महीने में कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता तय करती है।

सिर्फ 2% बढ़ोतरी, लेकिन असर बड़ा

भले ही यह बढ़ोतरी प्रतिशत के लिहाज से छोटी लगे, लेकिन इसका सीधा फायदा लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। हर 1 प्रतिशत DA बढ़ने का मतलब सालाना हजारों रुपये की अतिरिक्त आय होता है। इससे न सिर्फ मासिक वेतन बढ़ता है, बल्कि पेंशन और एरियर की राशि पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।

सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?

अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 50,000 रुपये है, तो मौजूदा 58 प्रतिशत DA के मुकाबले 60 प्रतिशत DA मिलने पर हर महीने करीब 1,000 रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी। सालभर में यह फायदा लगभग 12,000 रुपये तक पहुंच सकता है। पेंशनभोगियों के लिए भी मासिक पेंशन में 700 से 1,000 रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है।

7वें वेतन आयोग का आखिरी बड़ा पड़ाव

जनवरी 2026 का DA इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसे 7वें वेतन आयोग के तहत अंतिम महत्वपूर्ण DA बढ़ोतरी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके बाद 8वां वेतन आयोग लागू होने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। नए वेतन आयोग के लागू होते ही DA की गणना फिर से शून्य से शुरू होगी।

8वें वेतन आयोग की नींव बनेगा 60% DA

जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो पुराना DA नई बेसिक सैलरी में समायोजित कर दिया जाता है। ऐसे में 60 प्रतिशत का DA भविष्य के वेतन ढांचे के लिए एक अहम आधार बनेगा। यही वजह है कि जनवरी 2026 का DA आंकड़ा ऐतिहासिक माना जा रहा है।

हालांकि DA जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा, लेकिन सरकार इसकी औपचारिक घोषणा मार्च 2026 तक कर सकती है। परंपरा के अनुसार, होली के आसपास कर्मचारियों को इसका तोहफा दिया जाता है और इसके साथ एरियर भी मिलने की उम्मीद रहती है।