इस भर्ती अभियान की खास बात यह है कि इसमें भारतीय सेना से सेवानिवृत्त जवानों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के रिटायर्ड अर्धसैनिकों को अवसर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन अनुभवी कर्मियों की नियुक्ति से राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा। साथ ही, यह कदम पूर्व सैनिकों के अनुभव का सकारात्मक उपयोग करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
डिप्टी सीएम ने X पर दी जानकारी
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि केवल सैप ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधार के तहत राज्य के विभिन्न विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के 436 नए पदों पर भी बहाली की जाएगी। इसका उद्देश्य लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरना और सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना है।
सरकार का यह फैसला रोजगार सृजन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इन नियुक्तियों से न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य के पूर्व सैनिकों को एक बार फिर सम्मानजनक भूमिका के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। कुल मिलाकर, यह पहल बिहार में विकास, सुरक्षा और रोजगार के संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है।

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