प्रवीण वशिष्ठ बने आठवें वेतन आयोग के CVO
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रवीण वशिष्ठ को आठवें वेतन आयोग का चीफ विजिलेंस अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति 16 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। यह नियुक्ति आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
CVO का रोल: निगरानी और पारदर्शिता
CVO को अक्सर किसी सरकारी संस्था या आयोग का “वॉचडॉग” माना जाता है। उनका मुख्य कार्य यह देखना होता है कि फाइलों की प्रक्रिया, नियुक्तियां, टेंडर या वित्तीय फैसलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, पक्षपात या भ्रष्टाचार न हो। आठवें वेतन आयोग के मामले में CVO की निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि फिटमेंट फैक्टर, बेसिक पे स्ट्रक्चर, भत्तों में बदलाव और पेंशन रिवीजन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय नियमों के तहत निष्पक्ष रूप से लिए जाएँ।
पिछले एक साल में आयोग की प्रगति
पिछले वर्ष आठवें वेतन आयोग की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए:
15 जनवरी 2025: आयोग के गठन की शुरुआती घोषणा
28 अक्टूबर 2025: आयोग का औपचारिक गठन
3 नवंबर 2025: टर्म ऑफ रेफरेंस जारी, जिम्मेदारियों का निर्धारण
जनवरी 2026: आयोग को आधिकारिक कार्यालय मिला
28 जनवरी 2026: CVO की नियुक्ति
इन सभी कदमों से स्पष्ट है कि सरकार आयोग के काम को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। CVO की नियुक्ति के बाद संकेत मजबूत हो गए हैं कि सरकार आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को गंभीरता से ले रही है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाह अब फिटमेंट फैक्टर, संभावित सैलरी बढ़ोतरी और उसके लागू होने की समयसीमा पर टिकी है।

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