15 साल बाद बढ़ी छात्रवृत्ति की राशि
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्तियों की दरें आखिरी बार वर्ष 2011 में तय की गई थीं। लंबे अंतराल के बाद बिहार सरकार ने महंगाई और शैक्षणिक खर्चों को ध्यान में रखते हुए छात्रवृत्ति की राशि दोगुनी करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को पहले से कहीं अधिक वित्तीय सहायता मिलेगी।
लाखों छात्रों को मिलेगा फायदा
इस फैसले से बिहार के लगभग 27 लाख छात्र-छात्राओं को सीधे लाभ मिलने की संभावना है। योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए सरकार ने 519.64 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया है।
छात्रवृत्ति की नई दरें क्या होगी?
कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का ढांचा इस प्रकार होगा:
कक्षा 1 से 4: ₹1,200 सालाना
कक्षा 5 से 6: ₹2,400 सालाना
कक्षा 7 से 10: ₹3,600 सालाना
छात्रावासी (कक्षा 1-10): ₹6,000 सालाना
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम
इस बढ़ोतरी से न सिर्फ आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि यह दलित और आदिवासी समाज के बच्चों के लिए शिक्षा में रुचि बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर कम करने में भी सहायक होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने में मील का पत्थर साबित होगा। बिहार सरकार की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समानता और समावेशिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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