नए नियमों के अनुसार, भाड़े या पारिश्रमिक पर चलने वाले सभी वाहनों पर कर वाहन के मूल्य, सीट क्षमता और भार के आधार पर तय किया जाएगा। इसके साथ ही बिना परमिट चलने वाले वाहनों पर सख्ती बढ़ा दी गई है और ऐसे मामलों में अब त्रैमासिक कर का पांच गुणा जुर्माना वसूला जाएगा।
पुराने वाहनों को बड़ी राहत
नए नियमों में पुराने वाहनों के लिए विशेष छूट भी दी गई है। एकमुश्त कर की गणना करते समय वाहन के पंजीकरण से पूर्व प्रत्येक वर्ष के लिए 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस छूट की अधिकतम सीमा 75 प्रतिशत तय की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम पुराने वाहनों के मालिकों को वित्तीय राहत देने के साथ-साथ नए नियमों के तहत वैध और सुरक्षित संचालन को बढ़ावा देगा।
मालवाहन और विशेष वाहन व्यवस्था
माल वाहनों के लिए कर की दरें सकल वाहन भार के आधार पर तय की गई हैं। 7500 किलोग्राम से अधिक वाले भारी वाहन और अन्य परिवहन यानों पर त्रैमासिक और वार्षिक कर लागू होगा। ट्रैक्टर और कृषि प्रयोजन वाले वाहनों पर लदान रहित भार के हिसाब से कर लगाया जाएगा। यदि कोई माल वाहन यात्रियों को भाड़े पर ले जाता है, तो प्रति यात्री 2200 रुपये अतिरिक्त कर वसूला जाएगा।
सार्वजनिक सेवा और वातानुकूलित वाहन
राज्य परिवहन उपक्रम के सार्वजनिक वाहनों पर चालक सीट को छोड़कर प्रति सीट कर लागू होगा। वातानुकूलित सार्वजनिक सेवा वाहनों पर सामान्य दर से 50 प्रतिशत अधिक कर लिया जाएगा। खड़े होकर यात्रा की अनुमति वाले वाहनों में स्वीकृत क्षमता का 50 प्रतिशत अतिरिक्त माना जाएगा। स्लीपिंग बर्थ वाले वाहनों में एक बर्थ को दो सीट के बराबर माना जाएगा।
नई टैक्स दरें (मुख्य)
तिपहिया मोटर कैब: 7% (एकमुश्त)
माल वाहन (3000 किग्रा तक): 3%
माल वाहन (3000–7500 किग्रा): 6%
पुराने वाहन: अधिकतम 75% छूट
निर्माण उपस्कर/विशेष प्रयोजन वाहन: 6%
दोपहिया टैक्सी: वाहन मूल्य का 12.5% (एकमुश्त)
मोटर/मैक्सी कैब: 10 लाख तक: 10.5%, 10 लाख से अधिक: 12.5%
उत्तर प्रदेश में बिना परमिट वाहन चलाने पर: त्रैमासिक कर का पांच गुणा

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