मुख्य बदलाव
ग्रेनाइट:
1 मीटर या उससे अधिक आकार के डायमेंशनल स्टोन की दर 5,000 रुपये/घनमीटर से बढ़कर 6,000 रुपये/घनमीटर की गई।
1 मीटर से कम आकार के लिए 3,000 से 4,000 रुपये/घनमीटर।
स्लैब की दर 650 से बढ़ाकर 850 रुपये/घनमीटर।
अन्य पत्थर:
ग्रेनाइट और डेलोस्टोन: 160 से 165 रुपये/घनमीटर।
सैंडस्टोन और क्वार्टजाइट: 110 से 140 रुपये/घनमीटर।
नदी तल मौरंग: 150 से 190 रुपये/घनमीटर।
पहाड़ी लाल मौरंग: 75 से 100 रुपये/घनमीटर।
बालू और अन्य उपखनिज:
साधारण बालू: 15 रुपये प्रति घनमीटर की वृद्धि।
पायरोफिलाइट: 300 से 340 रुपये/टन।
डायस्पोर: 50 से 525 रुपये/टन।
सिलिका सैंड: 100 से 150 रुपये/टन।
चूना पत्थर अब सूची से बाहर।
वार्षिक डेड रेंट में बढ़ोतरी
साधारण मृदा: 10,000 → 15,000 रुपये
नदी तल मौरंग: 90,000 → 1.35 लाख रुपये
पहाड़ी लाल मौरंग: 24,000 → 36,000 रुपये
इमारती पत्थर/गिट्टी: 90,000 → 1.35 लाख रुपये
मार्बल और मार्बल चिप्स: 40,000 → 60,000 रुपये
सैंडस्टोन और क्वार्टजाइट: 65,000 → 97,500 रुपये
ग्रेनाइट और डेलोस्टोन: 1.20 लाख → 1.80 लाख रुपये
साधारण बालू (प्रथम श्रेणी): 50,000 → 75,000 रुपये
साधारण बालू (द्वितीय श्रेणी): 30,000 → 45,000 रुपये
अन्य उपखनिज (पायरोफिलाइट, डायस्पोर, सिलिका सैंड, चाइना क्ले, कैलसाइट): 20 → 30,000 रुपये
क्यों बढ़ाई गई दरें?
खबर के अनुसार, ये बदलाव उत्तर प्रदेश खनिज परिहार नियमावली-2021 में द्वितीय संशोधन के तहत किए गए हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य उपखनिजों का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना बताया गया है। नतीजा: घर बनाने वाले अब पहले से अधिक लागत उठाने के लिए तैयार रहें, क्योंकि ग्रेनाइट, मौरंग और बालू जैसी बुनियादी निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि हुई है।

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