नियमावली को नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने शुक्रवार को जारी किया। यह कदम कैबिनेट की स्वीकृति के बाद उठाया गया और इसे “उप्र लोक सेवाओं (प्रतियोगी परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति के अनुसंधानविदों के लिए आयु सीमा एवं अतिरिक्त अंक का शिथिलीकरण) नियमावली-2026” नाम दिया गया है।
क्या है नई व्यवस्था?
सीएम फेलो के कार्यकाल के अनुसार छूट:
एक वर्ष कार्यकाल पूरा करने पर 1 वर्ष की आयु सीमा छूट
दो वर्ष कार्यकाल पूरा करने पर 2 वर्ष की आयु सीमा छूट
तीन वर्ष कार्यकाल पूरा करने पर 3 वर्ष की आयु सीमा छूट
कार्यकाल की गणना: विज्ञापन वर्ष के जुलाई के प्रथम दिवस से की जाएगी।
अतिरिक्त अंक: सीएम फेलो के अनुभव को मान्यता देते हुए चयन प्रक्रिया में अतिरिक्त अंक भी दिए जाएंगे।
पूर्व में छूट प्राप्त उम्मीदवार: जिन अभ्यर्थियों को पहले से आयु में छूट मिली है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।
युवाओं के लिए इसका मतलब
विशेषज्ञों के अनुसार यह नियम विशेष रूप से सीएम फेलोशिप करने वाले युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने वाला है। अब अनुसंधान या परियोजना अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को भर्तियों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। यह कदम युवाओं को शैक्षणिक और शोध अनुभव के आधार पर लाभ दिलाएगा। चयन प्रक्रिया में उनके अनुभव को अंक और आयु में सहूलियत के रूप में माना जाएगा। युवा अब बिना उम्र के दबाव के अपने अनुभव का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
प्रशासन का क्या है बड़ा उद्देश्य?
सरकार का कहना है कि यह नियमावली योग्यता, अनुभव और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर देना और प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके अनुभव को मान्यता देना है।
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