मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि जिन योजनाओं में केंद्र सरकार से आंशिक सहायता मिलती है, वहां राज्य सरकार अपने संसाधनों से भुगतान समय पर करे, ताकि कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
वित्तीय व्यवस्था की समीक्षा में दिए अहम निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह निर्देश शुक्रवार को वित्त विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान दे रहे थे। बैठक में उन्होंने प्रदेश की वित्तीय स्वीकृति प्रणाली को और अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभागीय मंत्री स्तर पर 10 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाती है, जिसे बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये किया जाना चाहिए। वहीं, 50 करोड़ से 150 करोड़ रुपये तक की योजनाओं को वित्त मंत्री स्तर पर और 150 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया।
समय पर मंजूरी से तेज होगा विकास कार्य
मुख्यमंत्री का मानना है कि स्वीकृति की यह नई व्यवस्था लागू होने से परियोजनाओं को समय पर वित्तीय मंजूरी मिलेगी और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी वार्षिक कार्ययोजनाएं हर हाल में 15 अप्रैल तक स्वीकृत करा लें। यदि कोई विभाग तय समयसीमा का पालन नहीं करता है, तो उसकी जानकारी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। इससे विभागीय जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा।
लागत बढ़ने पर फिर लेनी होगी अनुमति
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी परियोजना की लागत में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होती है, तो संबंधित विभाग को कारणों के साथ पुनः अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। इससे अनियंत्रित खर्च और बजट गड़बड़ी पर रोक लगेगी।
राज्य गारंटी पॉलिसी लागू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में स्टेट गारंटी पॉलिसी लागू करने के निर्देश भी दिए। इससे राज्य की वित्तीय विश्वसनीयता बढ़ेगी और निवेश व विकास परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी।
.png)
0 comments:
Post a Comment