नीतीश कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: बिहार के लिए क्या बदलेगा?
1. प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप में बढ़ोतरी
बिहार के एससी, एसटी, ओबीसी और अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को अब पढ़ाई के लिए ज्यादा आर्थिक सहयोग मिलेगा। प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप की राशि बढ़ाने का फैसला शिक्षा से ड्रॉपआउट कम करने और कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
2. सेमीकंडक्टर नीति को हरी झंडी
राज्य में निवेश और रोजगार को नई ऊंचाई देने के लिए बिहार की पहली सेमीकंडक्टर नीति को मंजूरी मिल गई है। इससे हाई-टेक इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स और कुशल युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
3. आपदा प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
अब बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं से निपटने के लिए AI, मशीन लर्निंग, ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे समय रहते चेतावनी और बेहतर राहत व्यवस्था संभव होगी।
4. बिस्मिल्ला खां के नाम पर संगीत कॉलेज
बक्सर के डुमरांव में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के नाम पर संगीत कॉलेज के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 87.81 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे कला और संस्कृति को नया मंच मिलेगा।
5. दिव्यांगजन सशक्तिकरण नियमावली
दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई है।
6. न्यायिक सेवाओं से जुड़े अहम संशोधन
राज्य की न्यायिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए, बिहार उच्च न्याय सेवा नियमावली में संशोधन, बिहार असैनिक सेवा (न्याय शाखा) भर्ती नियमावली में बदलाव, बिहार ज्यूडिशियल ऑफिसर्स कंडक्ट रूल्स को मंजूरी जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
7. बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति
राज्य में आईटी और ग्लोबल सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बिहार GCC नीति को मंजूरी दी गई है, जिससे मल्टीनेशनल कंपनियों को आकर्षित किया जा सकेगा।
8. मेडिकल कॉलेजों के लिए 500 करोड़ का प्रावधान
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को समय पर पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट मंजूर किया गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
9. दिल्ली स्थित बिहार निवास का पुनर्विकास
नई दिल्ली में स्थित बिहार निवास के पुनर्विकास के लिए 6 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे बाहर से आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
10. सरकारी सेवकों के लिए सोशल मीडिया नियम
बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली में सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स से जुड़े नए प्रावधान जोड़े गए हैं, ताकि सरकारी आचरण में पारदर्शिता और मर्यादा बनी रहे।
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