यूपी में आशा व आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आशा बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर एक अहम फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी अल्प-वेतनभोगी कर्मियों का मानदेय हर माह निश्चित तिथि पर सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचना चाहिए। इस फैसले से लाखों महिला कर्मियों को आर्थिक स्थिरता और मानसिक राहत मिलने की उम्मीद है।

राज्य देगा समय पर भुगतान

मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया है कि जिन योजनाओं में केंद्र सरकार से अंशदान मिलता है, वहां केंद्रांश में देरी को भुगतान में बाधा नहीं बनने दिया जाए। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार अपने संसाधनों से समय पर मानदेय जारी करेगी, ताकि किसी भी आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।

तुरंत लागू करने के निर्देश

सरकार ने इस व्यवस्था को शीघ्र प्रभाव से लागू करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए संबंधित विभागों को भुगतान प्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने को कहा गया है। डिजिटल माध्यमों और डीबीटी व्यवस्था के जरिए भुगतान प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया है।

जमीनी स्तर पर सेवाओं को मजबूती

आशा बहनें और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य, पोषण और मातृ-शिशु देखभाल की रीढ़ मानी जाती हैं। समय पर मानदेय मिलने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

यह फैसला केवल भुगतान व्यवस्था सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। नियमित आय से कर्मियों को घरेलू और पारिवारिक जरूरतें पूरी करने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि प्रदेश सरकार जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। समय पर भुगतान अब प्राथमिकता होगी, न कि औपचारिकता।

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