बिहार में खुशखबरी, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भर्ती जल्द

पटना। बिहार सरकार राज्य में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के शैक्षणिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राज्य के 91 एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की व्यापक स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। कुल 4966 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है, जिनमें 1326 पद शिक्षकों के हैं। इन सभी नियुक्तियों का संचालन बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा, जिससे चयन प्रक्रिया पारदर्शी और योग्यता आधारित होगी।

शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर

इन भर्तियों से न केवल विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। लंबे समय से खाली पड़े पदों के भरने से आवासीय विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और प्रशासनिक संचालन अधिक सुदृढ़ होगा।

हर प्रखंड में छात्रावास का लक्ष्य

सरकार का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एससी-एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास उपलब्ध कराना है। वर्तमान में बिहार में 139 छात्रावास संचालित हैं, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 60 नए छात्रावासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। यह पहल विशेष रूप से दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा तक पहुंच आसान बनाएगी।

नए आवासीय विद्यालय और छात्रावास

राज्य में 28 नए आवासीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दी गई है, जो शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में 100 बेड क्षमता वाले सावित्री बाई फुले छात्रावास खोलने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 18 जिलों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।

छात्रवृत्ति योजनाओं में हुआ बड़ा इजाफा

सरकार ने आर्थिक सहायता को और प्रभावी बनाने के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों को मिलने वाली राशि को दोगुना कर दिया गया है। वहीं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में आईटीआई छात्रों के लिए 7500 रुपये, डिप्लोमा एवं पॉलिटेक्निक कोर्स के लिए 15 हजार रुपये और व्यावसायिक तकनीकी शिक्षा के लिए 25 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।

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