रूस-यूक्रेन के बीच रुका युद्ध? राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ऐलान

न्यूज डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध के बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया था कि यूक्रेन की राजधानी कीव समेत अन्य शहरों पर एक सप्ताह तक हमले न किए जाएं। यह अपील ऐसे वक्त में की गई, जब यूक्रेन भीषण ठंड की चपेट में है और लगातार हमलों के कारण आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

व्हाइट हाउस में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि सर्द मौसम में मानवीय संकट को देखते हुए उन्होंने पुतिन से संयम बरतने की अपील की थी। ट्रंप के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने इस अनुरोध पर सहमति जताई है, हालांकि रूस की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

ठंड और हमलों के बीच जूझता यूक्रेन

पिछले कुछ हफ्तों में रूस ने यूक्रेन के बिजली संयंत्रों और अन्य अहम बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है। इन हमलों के चलते देश के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे कड़ाके की ठंड में लाखों लोग अंधेरे और ठंडे घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में यदि हमलों में अस्थायी भी कमी आती है, तो इसे आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

जापोरिज्जिया में ड्रोन हमला, तीन की मौत

ट्रंप के दावे के बावजूद जमीनी हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक, रूस ने दक्षिणी जापोरिज्जिया क्षेत्र में रात के समय ड्रोन हमला किया, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। इस हमले में एक रिहायशी अपार्टमेंट को नुकसान पहुंचा और इमारत में आग लग गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

यूक्रेन में बड़े हमले की आशंका बरकरार

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि रूस एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों का दावा है कि रूस बड़े पैमाने पर हवाई हमलों के लिए हथियार और संसाधन जुटा रहा है। इससे पहले भी रूस सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों के जरिए हमला कर चुका है, जिनका मुख्य निशाना यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था रही है।

संघर्ष विराम पर बातचीत, लेकिन अनिश्चितता कायम

इन घटनाओं के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष विराम को लेकर बातचीत जारी है। हालांकि, हालिया हमले यह संकेत देते हैं कि जमीनी स्तर पर स्थिति अब भी बेहद नाजुक है। ट्रंप का दावा अगर सच साबित होता है, तो यह अस्थायी रूप से तनाव कम करने की दिशा में एक कदम हो सकता है, लेकिन स्थायी शांति के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।

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