सैन्य ताकत में जमीन-आसमान का अंतर
अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति है। इसका वार्षिक रक्षा बजट 895 बिलियन डॉलर है, जो इसके GDP का लगभग 3.4% है। इसके विपरीत, ईरान केवल 15.5 बिलियन डॉलर खर्च करता है, जो GDP का 2.1% है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के पास अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार, पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स और बड़े परमाणु भंडार हैं, जबकि ईरान पुराने हथियारों और विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भर है।
सक्रिय और रिजर्व जवान
अमेरिका: 1,358,500 सक्रिय सैनिक, 799,500 रिजर्व
ईरान: 587,000 सक्रिय सैनिक, 200,000 रिजर्व
संख्या में अमेरिका ईरान से लगभग दोगुना है, जो किसी भी सीधे मुकाबले में बड़ी बढ़त देती है। साथ ही अमेरिका के पास नाटो जैसे संगठन भी मौजूद हैं।
हवाई शक्ति
अमेरिका: 13,175 विमान, 3,318 लड़ाकू जेट, 6,417 हेलीकॉप्टर
ईरान: 551 विमान, 407 लड़ाकू जेट, 339 हेलीकॉप्टर
अमेरिका के पास एफ-35, एफ-22 जैसी स्टील्थ टेक्नोलॉजी वाले विमान हैं, जबकि ईरान के पास ऐसी क्षमता नहीं। यह हवाई मुकाबले में अमेरिका को स्पष्ट बढ़त देता है।
नौसैनिक शक्ति
अमेरिका: 81 विध्वंसक, 11 एयरक्राफ्ट कैरियर, 440 विमानों का बेड़ा
ईरान: कोई एयरक्राफ्ट कैरियर और विध्वंसक नहीं, 107 नौसैनिक विमानों का बेड़ा
नौसैनिक मुकाबले में अमेरिका की ताकत अत्यधिक घातक है, जबकि ईरान की नौसैनिक क्षमता सीमित है। अमेरिका दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक से लैस नौसेना हैं, जो घातक मिसाइलों से लैस हैं।
टैंक और तोपखाना
अमेरिका: 4,640 टैंक, 391,963 बख्तरबंद वाहन, 3,161 तोपखाना, 705 रॉकेट
ईरान: 1,713 टैंक, 65,825 बख्तरबंद वाहन, 4,582 तोपखाना, 1,752 रॉकेट
हालांकि अमेरिका की संख्या ज्यादा है, ईरान की टोएड आर्टिलरी और मोबाइल रॉकेट प्रोजेक्टर में कुछ बढ़त है, जो क्षेत्रीय युद्ध में रणनीतिक लाभ दे सकती है।
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