वर्षों पुरानी घोषणा अब होगी साकार
डुमरांव, जो कि भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां की जन्मस्थली है, वहां संगीत महाविद्यालय की स्थापना की मांग लंबे समय से उठती रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पहले के कार्यकाल में ही इस सांस्कृतिक संस्थान की परिकल्पना की थी। इसके बाद भूमि चयन और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन बजट और परियोजना ढांचे को लेकर मामला वर्षों तक लंबित रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों की निरंतर मांग के बाद अब यह सपना धरातल पर उतरने की ओर बढ़ता दिख रहा है।
शाहाबाद क्षेत्र के युवाओं के लिए अवसर
प्रस्तावित संगीत महाविद्यालय आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ अन्य संगीत विधाओं की शिक्षा भी दी जाएगी। इससे बक्सर जिले के साथ-साथ पूरे शाहाबाद प्रमंडल के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण संगीत शिक्षा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी।
रोजगार और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
आपको बता दें की इस महाविद्यालय के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही यह संस्थान बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक होगा।

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