यूपी में बड़ा फैसला: शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, ग्रेच्युटी 25 लाख तक बढ़ाने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने एडेड और परिषदीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों की अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने पर सहमति जता दी है। इससे सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अधिक आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।

राज्यकर्मियों के बराबर होगा लाभ

दो जुलाई 2024 को राज्य कर्मचारियों की अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा 25 लाख रुपये कर दी गई थी। तभी से माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी भी अपनी ग्रेच्युटी राज्यकर्मियों के बराबर करने की मांग कर रहे थे। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर अंतिम रूप देने के बाद वित्त विभाग को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सेवानिवृत्ति पर बढ़ेगी आर्थिक मजबूती

अब तक इन शिक्षकों और कर्मियों के लिए अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख रुपये तय थी। सीमा बढ़कर 25 लाख होने से सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली एकमुश्त राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। इससे भविष्य की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी।

फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए भी राहत

केंद्रीय श्रम कानूनों में बदलाव के बाद ग्रेच्युटी से जुड़े नियमों में भी अहम संशोधन किया गया है। पहले किसी कर्मचारी को ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम पांच साल की निरंतर सेवा जरूरी होती थी। अब फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को मात्र एक वर्ष की सेवा के बाद भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा।

फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी वे होते हैं जिनकी नियुक्ति निश्चित अवधि के अनुबंध पर होती है, जैसे एक या दो वर्ष का कॉन्ट्रैक्ट। नए प्रावधान के अनुसार यदि ऐसे कर्मचारी ने कम से कम 240 दिन काम किया है, तो अनुबंध समाप्त होने पर उसे प्रो-राटा आधार पर ग्रेच्युटी दी जाएगी, भले ही उसने पांच वर्ष की सेवा पूरी न की हो।

शिक्षकों में खुशी की लहर

ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव से प्रदेश के शिक्षकों और कर्मचारियों में संतोष का माहौल है। यदि वित्त विभाग से मंजूरी मिल जाती है, तो यह फैसला हजारों परिवारों के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा। सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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