8वां वेतन आयोग: क्या बदल जाएगा वेतन और पेंशन का पूरा ढांचा?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन आयोग सिर्फ सैलरी बढ़ोतरी का मामला नहीं होता, बल्कि यह उनकी आर्थिक सुरक्षा, भविष्य की योजना और रिटायरमेंट स्थिरता से जुड़ा बड़ा फैसला होता है। 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं और माना जा रहा है कि इसके जरिए वेतन संरचना में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए समझते हैं वे प्रमुख बिंदु जो आपकी सैलरी और पेंशन की दिशा तय कर सकते हैं।

1. संभावित लागू होने की तिथि

संभावना जताई जा रही है कि नई सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकती हैं। मौजूदा 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 तक माना जा रहा है, ऐसे में नया ढांचा 2026 से लागू हो सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार की घोषणा पर निर्भर करेगा।

2. फिटमेंट फैक्टर होगा गेमचेंजर

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है जिससे मौजूदा बेसिक वेतन को नए वेतन में बदला जाता है। पिछली बार यह 2.57 था। इस बार यदि इसे 2.28 से 3.00 के बीच तय किया जाता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। यही फैक्टर पूरे वेतन ढांचे की रीढ़ माना जाता है।

3. न्यूनतम बेसिक सैलरी में उछाल

यदि फिटमेंट फैक्टर ऊंचा रखा जाता है, तो वर्तमान न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹40,000 से अधिक हो सकता है। यह वृद्धि सीधे-सीधे निचले पे लेवल के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

4. पेंशनभोगियों को राहत

सेवानिवृत्त कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन भी संशोधित हो सकती है। अभी यह ₹9,000 है, लेकिन नए वेतन ढांचे के तहत इसमें उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। इससे महंगाई के दबाव को कुछ हद तक संतुलित करने में मदद मिलेगी।

5. कुल सैलरी में समग्र बढ़ोतरी

केवल बेसिक पे ही नहीं, बल्कि कुल वेतन (ग्रॉस सैलरी) में भी 20% से 35% तक वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है। पे लेवल 1 से 18 तक के कर्मचारियों को इसका अलग-अलग स्तर पर लाभ मिल सकता है।

6. भत्तों में संशोधन

बेसिक वेतन बढ़ने का असर महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (TA) पर भी पड़ेगा। ये भत्ते आमतौर पर बेसिक पे या महंगाई दर से जुड़े होते हैं, इसलिए नई संरचना में इनकी गणना भी नए सिरे से की जा सकती है।

7. DA का संभावित विलय

चर्चा है कि जब नया वेतन आयोग लागू होगा, तब तक DA लगभग 60% के आसपास पहुंच सकता है। ऐसे में संभावना है कि मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में समाहित कर दिया जाए और फिर शून्य से नई DA गणना शुरू की जाए। इससे शुरुआती बेसिक पे अधिक दिखाई दे सकता है।

8. पेंशन योजनाओं में सुधार

नई व्यवस्था में National Pension System (NPS) और Unified Pension Scheme (UPS) के ढांचे में बदलाव या सुधार पर भी विचार हो सकता है। खासकर लंबी सेवा देने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जा सकता है।

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