1. आयरन डेफिशियेंसी एनीमिया
यह सबसे आम प्रकार का एनीमिया है, जो शरीर में आयरन की कमी के कारण होता है। इसके लक्षणों में अत्यधिक थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई शामिल हैं।
2. एप्लास्टिक एनीमिया
एप्लास्टिक एनीमिया एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति है, जिसमें बोन मैरो पर्याप्त रक्त कोशिकाएं बनाना बंद कर देता है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और शरीर में रक्तस्राव अनियंत्रित हो सकता है।
3. सिकल सेल एनीमिया
सिकल सेल एनीमिया एक अनुवांशिक रोग है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं हंसिया (सिकल) जैसी आकृति ले लेती हैं। ये असामान्य कोशिकाएं रक्त प्रवाह में बाधा डाल सकती हैं, जिससे अंगों को नुकसान और तेज दर्द होता है।
4. थैलेसीमिया
थैलेसीमिया भी एक वंशानुगत विकार है, जिसमें शरीर पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। गंभीर मामलों में मरीजों को जीवन भर नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता पड़ सकती है।
5. हृदय संबंधी समस्याएं
खून की कमी हृदय पर भी असर डालती है। हृदय को ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने पर उसे अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण दिल की धड़कन असामान्य हो सकती है (अरिथमिया), हृदय का आकार बढ़ सकता है और लंबे समय में हार्ट फेलियर का खतरा भी बढ़ जाता है।

0 comments:
Post a Comment