1. बिना न्यूनतम बैलेंस की सुविधा
सैलरी अकाउंट का सबसे बड़ा फायदा है कि इसमें जीरो बैलेंस रखा जा सकता है। यानी खाते में शून्य रकम होने पर भी बैंक कोई जुर्माना नहीं वसूलता। यह उन लोगों के लिए मददगार है जो महीने के अंत तक पूरी सैलरी खर्च कर देते हैं या पैसे निवेश में लगा देते हैं।
2. मुफ्त दुर्घटना बीमा का भी लाभ
कई बैंक अपने सैलरी अकाउंट होल्डर्स को एक्सीडेंट इंश्योरेंस मुफ्त देते हैं। इसमें अचानक किसी दुर्घटना की स्थिति में परिवार को लाखों रुपये तक का लाभ मिल सकता है। इस सुविधा का फायदा लेने के लिए कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं भरना पड़ता, बस खाता सक्रिय होना चाहिए।
3. आपातकालीन ओवरड्राफ्ट सुविधा
महीने के बीच में अगर पैसों की जरूरत पड़ जाए तो सैलरी अकाउंट की ओवरड्राफ्ट सुविधा मददगार साबित होती है। इसका मतलब है कि खाता शून्य होने के बावजूद आप बैंक से उधार लेकर आवश्यक खर्च पूरी कर सकते हैं। ब्याज केवल उतनी राशि और समय के लिए लगेगा जितना आप इस्तेमाल करते हैं।
4. लोन और क्रेडिट कार्ड में विशेष फायदे
बैंक आपके सैलरी अकाउंट के जरिए आपकी नियमित आय का रिकॉर्ड देखते हैं, जिससे आपको लो-रिस्क ग्राहक माना जाता है। इसका फायदा यह होता है कि पर्सनल लोन, होम लोन और कार लोन पर ब्याज दर कम मिलती है। प्रोसेसिंग फीस में भी छूट मिलती है और प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट कार्ड के ऑफर आसानी से उपलब्ध होते हैं।
5. मुफ्त एटीएम, चेकबुक और अन्य सुविधाएं
सैलरी अकाउंट से जुड़े डेबिट कार्ड पर अधिकतर बैंक सालाना मेंटेनेंस चार्ज नहीं लेते। साथ ही, असीमित एटीएम ट्रांजेक्शन, मुफ्त चेकबुक और डिमांड ड्राफ्ट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। कुछ बैंक लॉकर या अन्य बैंकिंग सर्विस पर भी विशेष छूट देते हैं।

0 comments:
Post a Comment