दौरे का एजेंडा
मार्क कार्नी और भारतीय नेतृत्व के बीच बैठक में कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी, जिनमें व्यापार (ट्रेड), ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टैलेंट और संस्कृति, और रक्षा क्षेत्र में नई साझेदारी शामिल हैं। इसके अलावा, कार्नी कनाडा में निवेश के अवसर तलाशने और दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं के साथ साझेदारी बनाने के लिए भी मीटिंग करेंगे।
कनाडा की नई सरकार की योजना है कि वह भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे इंडो-पैसिफिक सहयोगियों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करे। इस दौरे के दौरान दोनों देश आपसी व्यापार समझौते (CEPA) पर भी चर्चा कर सकते हैं, जिसका उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।
कार्नी का भारत दौरा और द्विपक्षीय संबंध
यह मार्क कार्नी का प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद पहला भारत दौरा है। पिछले साल G20 समिट में दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई थी। 2024 में भारत, कनाडा का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था, और कुल द्विपक्षीय व्यापार 30.8 बिलियन डॉलर तक पहुंचा था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरे से भारत-कनाडा संबंधों में नई गति आने की उम्मीद है। व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के अलावा यह दौरा क्षेत्रीय रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करेगा।

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