भारत और इजरायल का बड़ा प्लान? चीन-पाक की उड़ी नींद!

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित इजरायल यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत हथियार प्रणालियों में सहयोग को नई ऊंचाई देने की चर्चा तेज है।

इजरायली दूतावास का कहना है कि यह यात्रा दोनों देशों के “मजबूत होते रणनीतिक संबंधों” का संकेत है। माना जा रहा है कि इस दौरान अरबों डॉलर की संभावित रक्षा डील पर सहमति बन सकती है, जिसमें मिसाइल सिस्टम, किलर ड्रोन और अत्याधुनिक एयर डिफेंस तकनीक शामिल हो सकती है।

सप्लायर–कस्टमर मॉडल से आगे बढ़ने की सोच

इजरायल की भारत मामलों की विशेषज्ञ के अनुसार भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल कर क्षेत्रीय सुरक्षा प्रदाता बनने की दिशा में बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इजरायल अब पारंपरिक खरीदार–विक्रेता संबंध से आगे बढ़कर संयुक्त अनुसंधान, तकनीक हस्तांतरण और औद्योगिक भागीदारी के मॉडल पर काम कर सकते हैं।

ड्रोन और काउंटर-ड्रोन टेक्नोलॉजी पर फोकस

हाल के अभियानों में भारत ने काउंटर-ड्रोन तकनीक की उपयोगिता को प्रमुखता से रेखांकित किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में इजरायल की विशेषज्ञता भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। इजरायली कंपनियां ड्रोन स्वार्म टेक्नोलॉजी, एंटी-ड्रोन सिस्टम और एआई आधारित खुफिया विश्लेषण में अग्रणी मानी जाती हैं।

ऐतिहासिक सहयोग की पृष्ठभूमि

भारत और इजरायल की रक्षा साझेदारी नई नहीं है। कारगिल युद्ध के दौरान इजरायल ने भारत को लेजर-गाइडेड बम और महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए थे, जिनका उपयोग भारतीय वायु सेना ने मिराज फाइटर जेट के जरिए किया। इससे पहाड़ी ठिकानों पर सटीक प्रहार संभव हुआ और युद्ध की दिशा प्रभावित हुई। तब से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच खुफिया साझेदारी, मिसाइल रक्षा प्रणाली और ड्रोन तकनीक में सहयोग लगातार बढ़ा है।

चीन–पाकिस्तान पर क्या असर?

जानकार बताते हैं की यदि भारत और इजरायल के बीच उन्नत एआई-संचालित रक्षा प्रणालियों और एयर डिफेंस सिस्टम पर व्यापक समझौता होता है, तो इससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर प्रभाव पड़ सकता है। खासकर चीन और पाकिस्तान के सामरिक समीकरणों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

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