योजना का महत्व
इस सेक्शन की लंबाई लगभग 9.77 किलोमीटर है। वर्तमान में इस रूट पर ट्रेन परिचालन पर काफी दबाव है, जिससे समय-निर्धारण और संचालन प्रभावित होते हैं। नई लाइन बनने के बाद ट्रेनों का दबाव कम होगा और संचालन अधिक सुचारू होगा।
यात्रियों और माल ढुलाई के लिए लाभ
तीसरी लाइन बनने से न केवल यात्री ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा बल्कि मालगाड़ियों की गति और समय पर डिलीवरी भी सुनिश्चित होगी। पश्चिमी क्षेत्र से आने वाले सीमेंट, बालू, बैलास्ट जैसी निर्माण सामग्री पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों तक अधिक सुविधाजनक तरीके से पहुंचाई जा सकेगी। इससे औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस लाइन से क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेनों का संचालन भी संभव होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और पूरे क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास की गति बढ़ेगी।
रेलवे प्रशासन ने जल्द ही इस परियोजना पर काम शुरू करने का संकेत दिया है, जिससे आने वाले समय में पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और मजबूती के साथ-साथ ट्रेनों के समय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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