विभागीय स्तर से जारी आदेश में कहा गया है कि अब शहरों में खुले में मांस प्रदर्शित कर बिक्री करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने या लाइसेंस के बिना दुकान संचालित करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
स्वास्थ्य और व्यवस्था पर जोर
प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल नियम लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। खासकर राजधानी पटना सहित कई नगर निकायों में जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
संवेदनशील इलाकों में निगरानी
धार्मिक स्थलों, स्कूलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के आसपास संचालित दुकानों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सरकार का निर्देश है कि ऐसे स्थानों के निकट मांस-मछली की दुकानें न तो नई खोली जाएं और न ही नियमों के विरुद्ध चलने दी जाएं। संबंधित निकायों को चिन्हांकन कर कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया है।
लाइसेंस व्यवस्था होगी दुरुस्त
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ नगर क्षेत्रों में लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण की प्रक्रिया लंबे समय से व्यवस्थित नहीं थी। अब स्थानीय निकाय सर्वे कर वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहे हैं। प्रशासन ने संकेत दिया है कि नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को वैध प्रक्रिया के तहत राहत दी जाएगी, लेकिन अवैध संचालन पर सख्ती तय है।

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