सैलरीड कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, आ रहा है नया रूल!

नई दिल्ली। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) से जुड़ा एक अहम बदलाव प्रस्तावित है। नए आयकर ढांचे को लागू करने की दिशा में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ड्राफ्ट इनकम-टैक्स रूल्स 2026 में सुझाव दिया है कि HRA डिक्लेरेशन फॉर्म में अब किरायेदार को यह भी बताना होगा कि मकान मालिक से उसका क्या रिश्ता है। 

प्रस्तावित बदलाव अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए टैक्स फ्रेमवर्क का हिस्सा हो सकता है। अब तक कर्मचारी HRA क्लेम के लिए रेंट रसीद और तय सीमा से अधिक वार्षिक किराये पर मकान मालिक का PAN उपलब्ध कराते थे। लेकिन नए नियमों के तहत “रिलेशनशिप” कॉलम जोड़ने से टैक्स विभाग को अतिरिक्त जानकारी मिलेगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

पहली नजर में यह संशोधन मामूली लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर उन कर्मचारियों पर अधिक पड़ेगा जो अपने माता-पिता, ससुराल पक्ष या अन्य रिश्तेदारों को किराया देकर HRA क्लेम करते हैं। अब तक यदि रेंट एग्रीमेंट वैध था, किराया बैंकिंग चैनल से चुकाया गया था, और मकान मालिक ने अपनी आयकर रिटर्न (ITR) में किराये की आय दर्शाई थी, तो आमतौर पर दावा स्वीकार हो जाता था।

लेकिन अब नए प्रावधान के बाद विभाग डेटा एनालिटिक्स के जरिए यह मिलान कर सकेगा कि किराया पाने वाले व्यक्ति ने उसे अपनी ITR और AIS में घोषित किया है या नहीं, संपत्ति वास्तव में उसी के नाम है या नहीं, और भुगतान बैंक से हुआ है या नहीं।

फर्जी दावों पर लगेगी रोक?

ड्राफ्ट नियमों का उद्देश्य कथित तौर पर कागजी या फर्जी किराया व्यवस्थाओं पर अंकुश लगाना है। विभाग के पास अब रिश्ते की जानकारी भी होगी, जिससे परिवार के भीतर किए गए लेनदेन की जांच अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।

हालांकि, नियम यह भी स्पष्ट करते हैं कि यदि किराया व्यवस्था वास्तविक है, तो माता-पिता या अन्य करीबी रिश्तेदार को दिया गया किराया वैध माना जाएगा। लेकिन यदि किराया तय सीमा से अधिक है, तो Section 194-I के तहत TDS काटने की जिम्मेदारी भी बन सकती है। ऐसा न करने पर पेनल्टी का जोखिम रहेगा। वहीं आय छिपाने या गलत जानकारी देने पर Section 270A के तहत 200% तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

आपको बता दें की फिलहाल ड्राफ्ट पर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सैलरीड कर्मचारियों को HRA क्लेम करते समय किन नए मानकों का पालन करना होगा।

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