सीएम नीतीश ने किया बड़ा ऐलान: वार्ड सदस्यों को 2 लाख रुपये फंड

पटना। बिहार में पंचायत स्तर पर विकास को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। सरकार ने प्रस्ताव बनाया है कि राज्य के ग्राम पंचायतों के वार्ड सदस्यों को हर साल 2 लाख रुपये का फंड दिया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल स्थानीय विकास योजनाओं और पंचायत स्तर के कामों में किया जाएगा।

सरकार ने इस पहल को विकेंद्रीकरण और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया जारी है। मंजूरी मिलने के बाद ही वार्ड सदस्यों को यह राशि प्रदान की जाएगी।

मनरेगा और अन्य योजनाओं में वार्ड सदस्यों की भागीदारी

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने विधान परिषद में बताया कि फिलहाल मनरेगा के तहत मुखिया को सालाना 10 लाख रुपये तक खर्च करने का अधिकार है। नई योजना के तहत वार्ड सदस्यों को भी योजनाओं के चयन और खर्च में सक्रिय भूमिका देने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य विकास कोषों से भी उनके अधिकार बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा।

अधिकारों की कमी पर उठे सवाल

सदन में कई नेताओं ने वार्ड सदस्यों को अधिकार न मिलने पर चिंता जताई। सदस्य सच्चिदानंद राय ने बताया कि कई बार मुखिया वोट आधारित प्राथमिकता के आधार पर राशि खर्च करते हैं। पूर्व मंत्री संतोष सिंह ने वित्त आयोग की राशि में हिस्सेदारी की मांग की। वहीं, दिनेश सिंह ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि होने के बावजूद वार्ड सदस्यों के पास पर्याप्त अधिकार नहीं हैं।

पंचायत स्तर पर सुधार की तैयारी

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायत बैठकों में सहमति बनाकर संतुलित विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सरकार ने संकेत दिए हैं कि व्यवस्था में सुधार और वार्ड सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस कदम को पंचायत स्तर पर लोकतंत्र और विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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